नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को केंद्र में रखते हुए देश की अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे, उद्योग, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े कई बड़े ऐलान किए। बजट को सरकार ने विकासोन्मुखी और समावेशी करार दिया है।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि बीते वर्षों में भारत ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद आर्थिक मजबूती दिखाई है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों के चलते अब तक 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल चुके हैं। आगामी वर्षों में सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार सृजन पर रहेगा। आत्मनिर्भर भारत को और मजबूत करने के लिए बजट में आत्मनिर्भर भारत निधि के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही देश में 22 नए जलमार्ग विकसित करने की घोषणा की गई, जिससे जल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी। यह कदम व्यापार और उद्योग के लिए अहम माना जा रहा है।
रेल और परिवहन क्षेत्र को गति देने के लिए वित्त मंत्री ने 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया। इनमें दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर प्रमुख हैं। सरकार का मानना है कि इससे देश के प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों को तेज़ कनेक्टिविटी मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए बजट में 40,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है। वहीं MSME सेक्टर के लिए 7 लाख करोड़ रुपये का पैकेज पेश किया गया, जिससे छोटे और मझोले उद्योगों को पूंजी, तकनीक और रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि MSME देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इन्हें मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
शहरी विकास और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अहम घोषणाएं की गईं। सरकार ने बताया कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी। इसके अलावा देश में 3 नए एम्स (AIIMS) स्थापित किए जाएंगे, जिससे आम जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। बजट भाषण के अंत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला रोडमैप है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह बजट भारत को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
