म्याऊं ब्लॉक की करौरी सैदपुर ग्राम पंचायत में करीब 200 वोटों की आबादी के बीच पेयजल संकट, शिकायतों के बावजूद नहीं हुई मरम्मत
बदायूं: जिले के म्याऊं ब्लॉक की ग्राम पंचायत करौरी सैदपुर में सरकारी हैंडपंप कई महीनों से खराब पड़ा है। पेयजल की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने खराब हैंडपंप के पास धरना-प्रदर्शन कर जिम्मेदारों के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में करीब 200 वोटों की आबादी है, लेकिन दूसरा हैंडपंप उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में लगा सरकारी हैंडपंप लंबे समय से खराब है। इसके कारण ग्रामीणों को पानी की जरूरत पूरी करने के लिए दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप खराब होने की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने खराब पड़े हैंडपंप के पास धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब शिकायतों के बावजूद महीनों तक खराब हैंडपंप की मरम्मत नहीं हो रही है, तो गांव की अन्य समस्याओं की सुनवाई की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में प्रशासक की व्यवस्था लागू होने के बाद से गांव की व्यवस्थाएं लगातार खराब होती जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा की स्थिति खराब होना चिंता का विषय है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब सरकारी हैंडपंप की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए और गांव में पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
रिपोर्ट: राजा खान, बदायूं