पूर्व मुख्यमंत्री के पिता की जमीन को लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप, पुलिस ने धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को पकड़ा; अन्य आरोपितों की तलाश जारी
बिजनौर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की नजीबाबाद तहसील क्षेत्र स्थित जमीन को लेकर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि उनकी 26 बीघा जमीन पर कब्जा करने के लिए फर्जी वसीयत तैयार कराई गई और उनके पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी बनवाया गया। शिकायत के बाद नजीबाबाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए गुरुवार को दो आरोपितों धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार कर लिया।
विरासत दर्ज कराने के आवेदन से सामने आया मामला
पुलिस के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से 18 मई 2026 को अपने पिता स्वर्गीय महेंद्रनाथ की नजीबाबाद तहसील के अमी खानपुर गांव स्थित जमीन पर विरासत दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया था। आवेदन के बाद संबंधित लेखपाल ने जमीन को विवादित बताते हुए अपनी रिपोर्ट तहसीलदार को भेजी। इसी दौरान जानकारी सामने आई कि तहसीलदार नजीबाबाद की अदालत में उक्त जमीन को लेकर धर्मपाल बनाम ग्राम सभा के नाम से वाद चल रहा है। आरोप है कि इसी मामले में धर्मपाल सिंह की ओर से एक कथित फर्जी वसीयत पेश की गई थी।
फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि जमीन पर दावा मजबूत करने के लिए उनके पिता महेंद्रनाथ की फर्जी वसीयत तैयार कराई गई। शिकायत के अनुसार, वसीयत पंजीकृत भी नहीं थी। इसके अलावा आरोपितों पर महेंद्रनाथ का बिजनौर के नजीबाबाद से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का भी आरोप है। शिकायत में कहा गया कि प्रमाणपत्र में मृत्यु की तारीख 10 अप्रैल 2003 दर्ज की गई, जबकि महेंद्रनाथ की वास्तविक मृत्यु 7 सितंबर 2004 को दिल्ली के एस्कार्ट अस्पताल में हुई थी।
26 बीघा जमीन पर कब्जे का आरोप
शिकायत के अनुसार, कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर महेंद्रनाथ की करीब 26 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया गया। बाकी जमीन को भी खुर्द-बुर्द किए जाने का आरोप लगाया गया है।पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि आरोपितों ने कथित फर्जी वसीयत के आधार पर खुद को किसान दर्शाने की कोशिश की। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
दो आरोपित गिरफ्तार, अन्य की तलाश
गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि मामले में धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस दस्तावेजों और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
जमीन कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू
एसपी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री के पिता ने जमीन बटाई पर दे रखी थी। लंबे समय तक परिवार की ओर से जमीन की देखरेख नहीं होने का आरोपितों ने फायदा उठाया। पुलिस के अनुसार, जमीन को खुर्द-बुर्द किए जाने की बात सामने आई है और जमीन को कब्जामुक्त कर पूर्व मुख्यमंत्री के सुपुर्द करने की प्रक्रिया चल रही है। मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य आरोपितों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
