मलूकपुर के लोगों ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल, जलभराव, अतिक्रमण, आवारा पशुओं और कूड़ा उठान की समस्या से परेशान
बरेली: नगर निगम के वार्ड-44 मलूकपुर में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। रविवार को आयोजित ‘वार्ड संवाद’ कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने टूटी सड़कों, सिल्ट से भरे नालों,बदहाल सफाई व्यवस्था, सीवर समस्या, आवारा पशुओं और अतिक्रमण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद नगर निगम स्तर पर समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
आठ महीने बाद भी नहीं बनी सड़क
स्थानीय निवासी ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने के बाद करीब आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत अब तक नहीं हुई। उबड़-खाबड़ सड़क के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई बार पार्षद और नगर निगम से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
टूटी सीवर लाइन से घरों तक पहुंच रहा गंदा पानी
एक वाशिंदे ने बताया कि कई जगह सीवर लाइन क्षतिग्रस्त है।जिससे गंदा पानी गलियों और घरों तक पहुंच रहा है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
नालों में भरी सिल्ट, बारिश से पहले जलभराव का डर
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि वार्ड के नाले और नालियां सिल्ट से भरे पड़े हैं और उनकी नियमित सफाई नहीं हो रही। करीब 14,500 आबादी वाले वार्ड में 23 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है, लेकिन प्रतिदिन केवल 7-8 कर्मचारी ही सफाई के लिए पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई नहीं हुई तो बारिश में निचले इलाकों के घरों में पानी भरना तय है।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान भी अनियमित
कुछ लोगों ने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नियमित समय पर नहीं आती। कई नौकरीपेशा लोग सुबह घर से निकल जाते हैं, जिससे उनका कूड़ा नहीं उठ पाता और गंदगी बढ़ती जा रही है।
आवारा पशु और अतिक्रमण बने बड़ी समस्या
वार्ड में गाय, सांड, कुत्तों और बंदरों का आतंक है। कई लोग आवारा कुत्तों से बचने के दौरान गिरकर घायल हो चुके हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर 22 फुट चौड़ी सड़क पर अतिक्रमण होने से सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।
