चौकी चौराहे पर जुटे सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ की नारेबाजी,बोले-SIR के नाम पर मतदाताओं को परेशान किया गया
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली में मंगलवार को SIR को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। चौकी चौराहे पर बड़ी संख्या में जुटे सपा कार्यकर्ताओं ने SIR का विरोध करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और भाजपा का झंडा जलाकर अपना विरोध जताया। सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के चलते मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के दौरान काफी देर तक चौकी चौराहे पर नारेबाजी और राजनीतिक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
चौकी चौराहे पर जुटे सपा कार्यकर्ता
मंगलवार को सपा कार्यकर्ता चौकी चौराहे पर एकत्र हुए।कार्यकर्ताओं ने SIR के खिलाफ नारे लगाए और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उनका कहना था कि मतदाता सूची से जुड़े इस अभियान को लेकर लोगों के बीच कई तरह की परेशानियां और सवाल हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के नाम पर आम मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है।
ज्ञानेश कुमार का फूंका पुतला
विरोध प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला आग के हवाले किया। पुतला जलाने के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए SIR को वापस लेने और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दूर करने की मांग उठाई। SIR को लेकर देशभर में विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को ही दिल्ली में विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर मार्च किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा SIR को लेकर अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया।
भाजपा का झंडा जलाकर जताया विरोध
बरेली में प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा का झंडा भी जलाया। इससे प्रदर्शन का राजनीतिक तेवर और तीखा नजर आया। कार्यकर्ताओं ने भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। सपा का आरोप है कि SIR के चलते मतदाता सूची से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ रही है। पार्टी लगातार इस मुद्दे को राजनीतिक मंचों पर उठा रही है और कार्यकर्ताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इसका विरोध जारी रखा जाएगा।
क्या है SIR?
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। चुनाव आयोग के पोर्टल पर SIR-2026 के तहत मतदाता अपना नाम पिछली SIR सूची में खोजने और चुनाव आयोग की ओर से जारी नोटिस के जवाब में दस्तावेज जमा करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को व्यवस्थित और अद्यतन रखना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। वहीं विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि इससे पात्र मतदाताओं को परेशानी हो सकती है।
आगे भी आंदोलन जारी रखने का ऐलान
चौकी चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि SIR के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। हालांकि, बरेली में अगले प्रदर्शन की तारीख या किसी बड़े आंदोलन का कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है। वहीं उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस प्रदर्शन को लेकर चुनाव आयोग या भाजपा की ओर से बरेली में तत्काल कोई स्थानीय प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
