8,800 रुपये वेतन देने और 30 दिन काम के बदले 26 दिन का भुगतान करने का आरोप, पीएफ -ईएसआई में अनियमितताओं की जांच की मांग
बरेली : नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में अनियमितताओं, भविष्य निधि (पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) से जुड़ी समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे पूरे महीने काम कराया जाता है, लेकिन वेतन का भुगतान कम दिनों के हिसाब से किया जा रहा है। उन्होंने मात्र 8,800 रुपये वेतन मिलने का दावा करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।सोनू ठाकुर और आशीष बाल्मीकि के नेतृत्व में पहुंचे कर्मचारियों ने प्रशासन से उनकी समस्याओं का जल्द समाधान कराने की अपील की।
8,800 रुपये वेतन मिलने का आरोप
कर्मचारियों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि वे नियमित रूप से अपनी ड्यूटी निभाते हैं, लेकिन उन्हें समय पर पूरा वेतन नहीं मिलता। कई बार वेतन रोककर या देरी से भुगतान किया जाता है। कर्मचारियों का दावा है कि निर्धारित धनराशि के बावजूद उन्हें केवल 8,800 रुपये दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि कम वेतन और भुगतान में देरी के कारण परिवार का खर्च चलाने, बच्चों की पढ़ाई और मकान का किराया देने में परेशानी हो रही है।कर्मचारियों ने वेतन से संबंधित अभिलेखों की जांच कराने और नियमानुसार पूरा भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
30 दिन काम, भुगतान केवल 26 दिनों का?
ज्ञापन में कर्मचारियों ने एक महीने में 30 दिन काम कराने के बावजूद केवल 26 दिनों का वेतन देने का आरोप भी लगाया है।उन्होंने मांग की कि उपस्थिति रजिस्टर, वेतन रजिस्टर और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि काम पूरे महीने का लिया जा रहा है, तो भुगतान भी लागू नियमों और उनकी सेवा शर्तों के अनुसार किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से वेतन की गणना और भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने की मांग उठाई।
पीएफ और ईएसआई की सुविधाओं पर भी सवाल
सफाई कर्मचारियों ने भविष्य निधि (पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) से संबंधित सुविधाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने संबंधित अभिलेखों की जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग की कि नियमानुसार कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ उपलब्ध कराए जा रहे हैं या नहीं। कर्मचारियों ने पीएफ और ईएसआई से संबंधित अंशदान तथा भुगतान के रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इन सुविधाओं का लाभ मिलना उनके आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों पर धमकाने और दुर्व्यवहार का आरोप
ज्ञापन में अनूप, अतुल और एचके राय नामक अधिकारियों पर कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की धमकी देने,गाली -गलौज करने और दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए गए हैं।कर्मचारियों का कहना है कि जब वे वेतन और अन्य समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास जाते हैं,तो उनकी शिकायतों का समाधान करने के बजाय कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है।कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कहने पर भी नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। उन्होंने प्रशासन से इन शिकायतों की जांच कराने और शिकायत करने वाले कर्मचारियों को किसी भी तरह की प्रताड़ना से सुरक्षा देने की मांग की है।हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
डीएम से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
सोनू ठाकुर और आशीष बाल्मीकि के नेतृत्व में ज्ञापन देने पहुंचे कर्मचारियों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। उनकी प्रमुख मांगों में वेतन भुगतान की अनियमितताओं की जांच,बकाया राशि का नियमानुसार भुगतान, पीएफ और ईएसआई से संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन तथा कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन में देरी, कम भुगतान और नौकरी से हटाए जाने की कथित धमकियों के कारण वे मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर नियमानुसार कार्रवाई कराने और कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।
