मोहाली: पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बुधवार को मोहाली की अदालत में अंतिम चालान पेश किया। दी गई जानकारी के मुताबिक, चालान में कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया है। इसके अलावा कुछ कंपनियों को भी आरोपी पक्ष के तौर पर शामिल किया गया है। मामले में कथित संपत्ति का आंकड़ा पहले बताए गए करीब 700 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 736 करोड़ रुपये हो गया है।
पहले 700 करोड़, अब करीब 736 करोड़ की संपत्ति का जिक्र
जांच के दौरान विजिलेंस ब्यूरो ने संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और आय के स्रोतों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। पहले दाखिल चालान में करीब 700 करोड़ रुपये की संपत्ति का उल्लेख किया गया था, जबकि अब यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 736 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। विजिलेंस ने 13 आरोपियों के अलावा कुछ कंपनियों को भी मामले में शामिल किया है। हालांकि, किन कंपनियों को किस आधार पर आरोपी बनाया गया है और उनके कौन से वित्तीय लेन-देन जांच के दायरे में हैं, इसका विस्तृत विवरण चालान की प्रति के अध्ययन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
52 से 53 हजार पन्नों तक पहुंचा दस्तावेजों का रिकॉर्ड
मामले की जांच के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज अदालत में पेश किए जा चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक दाखिल चालानों और संबंधित दस्तावेजों के कुल पन्नों की संख्या करीब 52 से 53 हजार बताई जा रही है। अंतिम चालान दाखिल होने के बाद मामले से जुड़े आरोपों और जांच के दस्तावेजों का विस्तृत रिकॉर्ड अदालत के सामने आ गया है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया में इन दस्तावेजों और साक्ष्यों की अहम भूमिका रहेगी।
चालान दाखिल होने से आरोप साबित नहीं, अदालत करेगी फैसला
विजिलेंस ब्यूरो की ओर से अंतिम चालान पेश किया जाना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि बिक्रम सिंह मजीठिया या अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित हो गए हैं। मामले में आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों, दस्तावेजों और दोनों पक्षों की कानूनी दलीलों के आधार पर अदालत में होगी। अंतिम निर्णय न्यायालय ही करेगा।
