उर्स-ए-सकलैनी से पहले फिजूलखर्ची छोड़ सादगी अपनाने की अपील,100 वालेंटियर्स ने संभाली कमान
बरेली : उर्स-ए-सकलैनी के मौके पर हज़रत शाह सकलैन एकेडमी ऑफ इंडिया की ओर से गुरुवार को बिशप मंडल इंटर कॉलेज ग्राउंड,सिविल लाइंस में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 40 जोड़ों का निकाह पढ़ाया गया। समारोह ख़ानकाह-ए-आलिया सकलैनिया शराफतिया के सज्जादानशीन हज़रत शाह मोहम्मद ग़ाज़ी मियां हुज़ूर की सरपरस्ती में हुआ।
40 जोड़ों का कराया गया निकाह
कार्यक्रम की शुरुआत शाम पांच बजे तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक से हुई। इसके बाद सभी 40 जोड़ों का निकाह कराया गया।निकाह के बाद मगरिब की नमाज अदा की गई। समारोह में शामिल नवविवाहित जोड़ों को नई जिंदगी की शुरुआत के लिए दुआएं दी गईं। निकाह के बाद आयोजित तकरीरी कार्यक्रम में अल्लामा मुफ्ती फ़हीम अजहरी सकलैनी, अल्लामा प्रोफेसर महमूद उल हसन और हज़रत मुफ्ती रुम्मान क़ादरी सकलैनी ने निकाह की फज़ीलत, पाकीज़गी और अहमियत पर रोशनी डाली।
उलमा ने फिजूलकर्मी छोड़ सादगी की दी सलाह
उलमा ने लोगों से शादी-विवाह में फिजूलखर्ची और गैर-शरई रस्मों से बचने तथा सादगी के साथ निकाह करने की अपील की।उन्होंने कहा कि शादियों को आसान और सादगीपूर्ण बनाने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। एकेडमी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी लतीफ सकलैनी ने बताया कि संस्था की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एकेडमी का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों पर शादी का आर्थिक बोझ कम करना और समाज में सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देना है।
देशभर में होते हैं ऐसे आयोजन, मेहमानों के लिए खास इंतजाम
उन्होंने बताया कि मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, जैतपुर, भोपाल, झांसी, दिल्ली और उत्तराखंड के कई शहरों के अलावा मुरादाबाद, रामपुर, मिलक, फतेहगंज,बदायूं और ककराला समेत विभिन्न स्थानों पर भी ऐसे आयोजन किए जाते हैं। आयोजकों के मुताबिक, प्रत्येक जोड़े की ओर से लड़के और लड़की पक्ष के 50-50 मेहमानों को आमंत्रित किया गया था। एकेडमी की ओर से मेहमानों के खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई।
यह रहे थे मौजूद
दरगाह के मीडिया प्रभारी हमजा सकलैनी ने बताया कि कार्यक्रम का संचालन मुख्तार तिलहरी सकलैनी ने किया। इस दौरान हाफिज आमिल सकलैनी, हसीब रौनक सकलैनी,अरबाज़ सकलैनी और इमरान सकलैनी ने नात और मनकबत के कलाम पेश किए। सामूहिक विवाह समारोह में महापौर उमेश गौतम, इंजीनियर अनीस अहमद, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, नगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, डॉ.अनीस बेग,डॉ. धर्मेंद्र नाथ,रत्नेश गंगवार, नवाब मुजाहिद हसन, सैफ वली खान और सय्यद गौहर अली समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
दरगाह के सज्जादानशीन से की मुलाकात
सभी ने सज्जादानशीन हज़रत शाह मोहम्मद ग़ाज़ी मियां हुज़ूर से मुलाकात की और दुआएं हासिल कीं। कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए एकेडमी की ओर से करीब 100 वालेंटियर्स कोअलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। व्यवस्थाओं में हाजी इंतिजार सकलैनी, मेराज सकलैनी, उस्मान सकलैनी, अकरम सकलैनी, आफताब आलम, खुर्रम सकलैनी, राजा सकलैनी, शावेज़ सकलैनी, सय्यद आमिर, सय्यद राशिद सकलैनी, मुशाहिद सकलैनी, जमील सकलैनी,राशिद सकलैनी, मोहसिन सकलैनी,फैसल सकलैनी,कामिल सकलैनी,फैमी सकलैनी, आरिफ़ सकलैनी और अब्बास सकलैनी समेत अन्य लोगों ने योगदान दिया
सादगीपूर्ण जिंदगी की दी नसीहत
कार्यक्रम के समापन पर सज्जादानशीन हज़रत शाह मोहम्मद ग़ाज़ी मियां हुज़ूर ने सभी 40 नवविवाहित जोड़ों को इस्लामी और शरीयत के। मुताबिक सादगीपूर्ण जीवन गुजारने की नसीहत की और अपनी नेक दुआओं से नवाज़ा इस मौके पर शहर, प्रदेश और देश की खुशहाली, तरक्की, अमन और भाईचारे के लिए विशेष दुआ भी की गई।आयोजकों के मुताबिक,सामूहिक विवाह का यह आयोजन जरूरतमंद परिवारों की मदद के साथ-साथ समाज में सादगीपूर्ण विवाह, सामाजिक एकता और इंसानी खिदमत का संदेश देने के उद्देश्य से किया गया।
