बरेली : उत्तर प्रदेश में लागू ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के विरोध में शनिवार को दस्तावेज लेखक कल्याणकारी समिति, सदर बरेली के बैनर तले दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्री कार्यालय में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर धरना -प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अमर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सहायक महानिरीक्षक निबंधन, बरेली को ज्ञापन सौंपकर ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग उठाई।
ई-रजिस्ट्रेशन से हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों और तहसीलों में वर्षों से कार्यरत दस्तावेज लेखक (डीड राइटर) संपत्ति बैनामा, वसीयत, बंटवारा, उपहार पत्र, अनुबंध सहित अन्य कानूनी दस्तावेजों के लेखन और पंजीकरण संबंधी सेवाएं प्रदान करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होने से दस्तावेज लेखकों की भूमिका सीमित होती जा रही है, जिससे हजारों दस्तावेज लेखक, उनके परिवार और इस कार्य से जुड़े लोगों के सामने रोजगार एवं आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
नई व्यवस्था से बढ़ेंगी गलतियां और मुकदमेबाजी: समिति
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि दस्तावेज तैयार करना एक तकनीकी और अनुभव आधारित कार्य है। यदि यह कार्य नई एजेंसियों या अन्य माध्यमों से कराया गया तो दस्तावेजों में त्रुटियां बढ़ेंगी, जिससे आम लोगों को परेशानी होगी और न्यायालयों में मुकदमों की संख्या भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज लेखक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आम जनता तथा प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं और अशिक्षित व तकनीकी जानकारी से वंचित लोगों को आज भी उनकी सहायता की आवश्यकता पड़ती है।
ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था वापस लेने की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से शासन और निबंधन विभाग से वर्तमान ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में महेंद्र कुमार सक्सेना, सतीश सक्सेना, मनोज विकट, अक्कू साहू, तेजपाल सिंह पटेल, राजेश कुमार सक्सेना, नरेंद्र बाबू, रजनीश शर्मा सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक मौजूद रहे।
