एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के छात्र युसूफ पर वीज़ा धोखाधड़ी का आरोप, साथी अयूब भी फंसा
बरेली : यूपी के बरेली में पढ़ाई कर रहे दो विदेशी छात्रों पर वीज़ा विस्तार के लिए फर्जी दस्तावेज़ अपलोड करने का गंभीर आरोप लगा है। नाइजीरिया के युसूफ बाला मुस्तफा और सूडान के अयूब अली के खिलाफ शहर के बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट रोहिलखंड चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज ने कराई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जानें कौन हैं आरोपी छात्र?
इसमें युसूफ बाला मुस्तफा (नाइजीरिया), 19 जनवरी 2025 को भारत आए थे। उन्होंने सिटी यूनिवर्सिटी, लुधियाना (BCA) में एडमिशन लिया। इसके बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली BMS प्रथम वर्ष में एडमिशन लिया। इसके वीज़ा वैधता: 23.12.2024 से 22.12.2025 तक है। इसके साथ ही अयूब अली (सूडान) का है। वह वर्तमान में सिटी यूनिवर्सिटी, पंजाब में पढ़ाई कर रहा था।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा
शहर के बारादरी थाना क्षेत्र की चौकी प्रभारी को मिले इनपुट के अनुसार युसूफ ने पंजाब से बरेली यूनिवर्सिटी में कोर्स बदला,लेकिन नियम के अनुसार एफआरआरओ अमृतसर से ट्रांसफर अप्रूवल सर्टिफिकेट नहीं लिया। बिना इस अनुमति के उसने रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्रवेश ले लिया। इसी तरह से जब युसूफ ने वीज़ा विस्तार के लिए ऑनलाइन आवेदन किया,तो उसने एक फर्जी पंजीकरण प्रमाण पत्र अपलोड किया। यह प्रमाण पत्र एफआरआरओ लुधियाना द्वारा जारी दिखाया गया,लेकिन जांच में यह पूरी तरह जाली पाया गया। वीज़ा प्रक्रिया के दौरान पूछताछ में युसूफ ने खुलासा किया कि आवेदन अपलोड करने में उसकी मदद सूडान के अयूब अली ने की थी। पुलिस के अनुसार यह स्पष्ट है कि दोनों ने आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए जानबूझकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए और उन्हें वीज़ा विस्तार आवेदन में अपलोड किया।
यह है पुलिस कार्रवाई की तैयारी
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों छात्रों के खिलाफ प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एफआरआरओ एवं अन्य संबंधित एजेंसियों से दस्तावेज़ों की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी। यदि फर्जीवाड़ा साबित होता है, तो दोनों छात्रों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिसमें वीज़ा रद्द होना, देश से निष्कासन और अन्य दंड शामिल हैं।
