बरेली/बदायूं : यूपी के बरेली और बदायूं में शादी की खुशियां चंद घंटों में मातम में बदल गईं। दोनों जिलों से सामने आए दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों में कुल छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। दोनों घटनाओं ने सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

बरेली में पेड़ से टकराई कार, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत
पहला दर्दनाक हादसा बरेली के रामपुर रोड क्षेत्र में सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रामपुर जिले के कल्याणपुर शहजादनगर निवासी गोविंद अपने परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। रात करीब एक बजे स्वालेनगर के पास सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में उनकी कार अनियंत्रित हो गई और सड़क के बीचों-बीच खड़े सेमल के पेड़ से जा टकराई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में गोविंद की पत्नी मोनी (30 वर्ष), पिता खेमकरन (60 वर्ष) और फूफा रामगुलाम (85 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गोविंद, उनका दो वर्षीय बेटा और चाचा राम बहादुर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को रामपुर रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

बदायूं में रोडवेज और निजी बस भिड़ीं, 3 की मौत
दूसरा हादसा बदायूं जिले के उझानी कोतवाली क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाईवे पर हुआ। देर रात एक रोडवेज बस और निजी बस की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। निजी बस में शादी समारोह से लौट रहे बराती सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बसों का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर को हादसे की वजह माना जा रहा है।
सड़क बनी मौत का जाल, स्थानीय लोगों के आरोप
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस सेमल के पेड़ से कार टकराई, वह लंबे समय से सड़क के बीच खड़ा है और पहले भी कई हादसों की वजह बन चुका है। पेड़ पर कोई रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत नहीं लगाया गया था। सड़क की हालत बेहद जर्जर बताई जा रही है।रेत-बजरी कारोबारियों के अतिक्रमण से सड़क संकरी हो गई है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते पेड़ हटाया जाता या सुरक्षा संकेत लगाए जाते, तो यह हादसा टल सकता था।
