सुलह-समझौते से न्याय की बड़ी मिसाल, बैंकों- बीमा कंपनियों से लेकर ट्रैफिक ई-चालान तक हजारों मामलों का निपटारा
बरेली : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशन में शनिवार को बरेली में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह-द्वितीय ने देवी सरस्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया।राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों, विभिन्न बैंकों, बीमा कंपनियों, अधिवक्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और विभागीय प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से कुल 1,81,462 वादों का सफल निस्तारण किया गया। इन मामलों में 300 करोड़ 73 लाख 5 हजार 555 रुपये की धनराशि से संबंधित आदेश पारित हुए,जिससे हजारों वादकारियों को वर्षों से लंबित मामलों से राहत मिली।
न्यायालयों में हुआ हजारों मामलों का निपटारा
नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत एवं अपर जनपद न्यायाधीश रामानन्द ने बताया कि सत्र न्यायालयों में 927 वादों का निस्तारण कर 6,800 रुपये जुर्माना राशि तय की गई। दीवानी न्यायालयों में 25,621 मामलों का निस्तारण हुआ, जिसमें 1.52 करोड़ रुपये से अधिक की जुर्माना राशि शामिल है। फौजदारी न्यायालयों में 4,664 वादों का निस्तारण कर 19.39 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया।
पारिवारिक विवादों में सुलह, टूटते रिश्ते जुड़े
लोक अदालत में पारिवारिक न्यायालयों द्वारा 223 जोड़ों के बीच आपसी समझौता कराया गया। प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद अशरफ अन्सारी ने 64, अपर प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने 50, छाया नैन ने 45 और ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने 64 वादों का निस्तारण कराया।
मोटर दुर्घटना, वाणिज्यिक और बैंक मामलों में बड़ी राहत
मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण ने 216 वादों का निस्तारण कर 108.11 करोड़ रुपये की समझौता राशि तय की। वाणिज्यिक न्यायालय में 9 मामलों का निपटारा कर 70.55 लाख रुपये की धनराशि का आदेश पारित किया गया। बैंक ऋण मामलों के लिए गठित 20 पीठों के समक्ष 1511 वादों का निस्तारण कर 107.45 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
ट्रैफिक ई-चालान और प्रशासनिक मामलों का भी निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में पुलिस विभाग द्वारा 77,159 मामलों, जिनमें 26,607 ई-चालान शामिल हैं, का निस्तारण कर 2.62 करोड़ रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया। कुल मिलाकर विभिन्न न्यायालयों और यातायात पुलिस द्वारा 52,542 ई-चालानों का निस्तारण किया गया। नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, बीडीए, बीएसएनएल और जिला पंचायत राज अधिकारी समेत कई विभागों के हजारों मामलों का निपटारा हुआ।
बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प वस्तुओं की प्रदर्शनी
लोक अदालत परिसर में केन्द्रीय कारागार प्रथम एवं द्वितीय में निरुद्ध बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प वस्तुओं और औषधीय पौधों की प्रदर्शनी व बिक्री की गई। साथ ही स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की भी स्टॉल लगाई गई, जिसे लोगों ने सराहा।
हेल्प डेस्क से मिली आम जनता को मदद
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमा शंकर कहार ने बताया कि आम जनता की सुविधा के लिए लोक अदालत परिसर में हेल्प डेस्क स्थापित की गई, जहां पैरा लीगल वालंटियर्स ने लोगों को कानूनी जानकारी और मार्गदर्शन दिया। राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक बार फिर साबित किया कि सुलह-समझौते के जरिए न्याय न सिर्फ सस्ता और त्वरित हो सकता है, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द भी मजबूत होता है। बरेली में आयोजित यह लोक अदालत वादकारियों के लिए बड़ी राहत और न्यायिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि बनकर सामने आई।
