बरेली : यूपी के बरेली जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे बुजुर्ग दंपत्ति की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। सोमवार सुबह जब परिजन उन्हें जगाने पहुंचे, तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। यह घटना शहर के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के जनकपुरी मोहल्ले की है। यहां 98 वर्षीय उमा शंकर सक्सेना, जो कृषि विभाग में बीडीओ पद से सेवानिवृत्त थे, और उनकी 78 वर्षीय पत्नी कामिनी देवी रात में अपने कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए थे। सर्दी से बचाव के लिए जल रही अंगीठी ही दोनों की मौत की वजह बन गई।
सुबह उठी तो दिखा धुएं का गुबार, घर में मची अफरा-तफरी
सोमवार सुबह जब परिजनों ने कमरे से धुआं निकलते देखा, तो घर में हड़कंप मच गया। पोते के शोर मचाने पर परिजन पहली मंजिल पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा खोलते ही घना धुआं बाहर निकल आया। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। उमा शंकर सक्सेना जमीन पर झुलसी अवस्था में पड़े थे, जबकि उनकी पत्नी कामिनी देवी बिस्तर पर अचेत थीं। तत्काल डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।
ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस बनी मौत की वजह
परिजनों के अनुसार, जिस कमरे में बुजुर्ग दंपत्ति सो रहे थे, वहां वेंटिलेशन की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी। पूरी रात अंगीठी जलती रहने के कारण कमरे की ऑक्सीजन खत्म हो गई और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस भर गई। इसी वजह से दोनों की दम घुटने से मौत हो गई। उमा शंकर सक्सेना के चार बेटे थे, जिनमें से दो का पहले ही निधन हो चुका है। जीवित बेटों में आलोक कुमार सक्सेना डॉक्टर हैं, जबकि नवीन सक्सेना व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। डॉक्टर आलोक सक्सेना ने बताया कि अत्यधिक ठंड के चलते माता-पिता ने अंगीठी जलाई थी, जो हादसे का कारण बन गई।
बिना पुलिस सूचना अंतिम संस्कार, मामला संदेह के घेरे में
इस दर्दनाक घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि परिजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी। न तो शवों का पंचनामा कराया गया और न ही पोस्टमार्टम। कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए बुजुर्ग दंपत्ति का चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया गया। बिना पुलिस जांच और औपचारिक कार्रवाई के अंतिम संस्कार किए जाने से अब यह मामला सवालों के घेरे में आ गया है। कानून के अनुसार किसी भी अस्वाभाविक मृत्यु की सूचना पुलिस को देना आवश्यक होता है। ऐसे में पुलिस को सूचना न देना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
सर्दी में अंगीठी और हीटर से बढ़ रहा खतरा
यह घटना एक बार फिर सर्दियों में अंगीठी, कोयले और बंद कमरों में हीटर के इस्तेमाल से होने वाले खतरों की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि बंद कमरे में अंगीठी या कोयला जलाना जानलेवा साबित हो सकता है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस को औपचारिक सूचना न दिए जाने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। यदि सूचना मिलती है, तो पुलिस आगे की जांच कर सकती है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की निजी त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।
