संत कबीर नगर के धार्मिक सम्मेलन पर प्रतिक्रिया, बोले-गलतफहमियां दूर करना जरूरी, किसी धर्म के खिलाफ नहीं बयान
बरेली : आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने संत कबीर नगर में आयोजित एक अन्य धर्म के धार्मिक सम्मेलन में कही गई बातों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गुरुवार को जारी अपने बयान में मौलाना शहाबुद्दीन ने स्पष्ट कहा कि इस्लाम मजहब पूरी तरह अपने उसूलों पर कायम है और मुसलमान सिर्फ एक खुदा की ही इबादत करते हैं। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि कुछ संगठन और नेता मुसलमानों से सूर्य नमस्कार, धरती, नदी और पेड़-पौधों की पूजा करने की बात कर रहे हैं, लेकिन इस्लाम में इन तमाम चीजों की पूजा करना शरीयत के अनुसार हराम है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मुसलमान न तो इनकी पूजा कर सकता है, और न ही इस्लाम इसकी अनुमति देता है।
खुदा के सिवा किसी और की इबादत करने वाला इस्लाम से बाहर
उन्होंने कहा कि अगर कोई मुसलमान खुदा के सिवा किसी और की पूजा करता है, तो वह इस्लाम के दायरे से बाहर हो जाता है। इस्लाम को मानने की सबसे पहली और बुनियादी शर्त तौहीद है, जिसका अर्थ है एक खुदा को मानना और उसी की इबादत करना। तौहीद इस्लाम का मूल कानून है। जिसमें किसी भी तरह की साझेदारी या अन्य पूजा की कोई गुंजाइश नहीं है।
धर्म के नाम पर भ्रम न फैलाएं, इस्लाम की सीमा तय
मौलाना शहाबुद्दीन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह बयान किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं को सही तरीके से सामने रखने और समाज में फैल रही गलतफहमियों को दूर करने के लिए है। उन्होंने सभी धर्मों के मानने वालों से एक-दूसरे के धार्मिक उसूलों का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि आपसी सम्मान और समझ से ही सामाजिक सौहार्द बना रह सकता है।
