बरेली: शहर में नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने सख़्त रुख अपनाते हुए आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों मामलों में कारावास और अर्थदंड की सज़ा सुनाई है।
भोजीपुरा थाना क्षेत्र का मामला
पहले मामले में पीड़ित पिता ने बताया कि वह सीबीगंज क्षेत्र में मजदूरी करता है और उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री गांव में अपनी दादी के साथ रहती थी। घटना 1 फरवरी 2016 की रात की है, जब आरोपी अमरपाल दीवार फांदकर घर में घुस आया और बच्ची के बिस्तर पर जाकर उसके साथ आपत्तिजनक हरकत करने की कोशिश की। बच्ची के शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी भाग गया। मामले में गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए तीन वर्ष के कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
नवाबगंज थाना क्षेत्र का मामला
दूसरा मामला थाना नवाबगंज क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़िता की मां के अनुसार 31 मई 2020 को वह अपनी नाबालिग बेटी के साथ खेत पर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी महेशपाल ने बच्ची को पकड़ लिया और उसके साथ अभद्रता करने लगा। महिला के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में कुल चार वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत का सख़्त संदेश
दोनों मामलों में अदालत ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट के इन फैसलों को बच्चों की सुरक्षा और कानून के प्रभावी पालन की दिशा में अहम माना जा रहा है।
