मरीज को मृत बताने पर भड़की भीड़, अस्पताल में कई मिनट तक हंगामा, महिला स्टाफ वार्ड से बाहर निकलने तक डरी
बरेली : शहर के कोतवाली क्षेत्र स्थित क्लारा स्वान मिशन अस्पताल मंगलवार देर रात रणक्षेत्र में बदल गया, जब एक्सीडेंट में घायल एक युवक को अस्पताल लाने के बाद उसके तीमारदारों ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया। शुरुआत से ही उनका व्यवहार आक्रामक था और डॉक्टर-स्टाफ को धमकाने का आरोप लगा है।
डॉक्टर से धक्का-मुक्की, जान से मारने की धमकी का आरोप
ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डॉ. उमंग ने बताया कि एंबुलेंस से लाए गए युवक की जांच की गई तो वह मृत अवस्था में पाया गया। डॉक्टर ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए स्टाफ अमित को ईसीजी मशीन लाने को कहा, लेकिन तीमारदार अचानक भड़क उठे। भीड़ ने डॉक्टर को चारों ओर से घेर लिया, धक्का-मुक्की की, गाली-गलौज की और खुलेआम जान से मारने की धमकी दी। अस्पताल में मौजूद महिला स्टाफ वार्ड से बाहर निकलने तक नहीं सकी, माहौल इतना भयावह था कि अस्पताल कुछ मिनटों तक पूरी तरह पंगु हो गया।
सुपरवाइजर पर भी हमला, अस्पताल में जमकर हंगामा
स्थिति बिगड़ने पर स्टाफ ने सुपरवाइजर सोलंकी शमी को बुलाया। लेकिन भीड़ का उग्र रूप उन पर भी टूट पड़ा। आरोप है कि सुपरवाइजर के आते ही हमलावरों ने उनसे भी हाथापाई, बदसलूकी और गाली-गलौज की। इस दौरान अस्पताल में मरीजों, स्टाफ और मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। डॉ. उमंग के मुताबिक, उत्पात मचाने वालों में आशुतोष सिंह चौहान (निवासी अंगूरी, थाना सुभाषनगर) भी शामिल था, जो भीड़ के साथ मिलकर अस्पताल की व्यवस्था को ठप्प करने में लगा हुआ था। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के बिना इलाज की व्यवस्था बेहतर नहीं हो सकती। प्रशासन ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट, जांच जारी
सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और अस्पताल स्टाफ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की छानबीन कर रही है। उधर, अस्पताल का स्टाफ अब भी रात की दहशत से उबर नहीं पाया है। कर्मचारियों ने कहा कि सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था के बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति का खतरा बना रहेगा।
