गैस रिफिलिंग बना मौत का जाल, चार मासूमों की मौत से मचा हड़कंप
बरेली : यूपी के बरेली देहात के।नवाबगंज कोतवाली थाना क्षेत्र के बरखन मार्ग स्थित एक मोटर गैराज में चल रहे अवैध गैस रिफिलिंग के खतरनाक खेल ने आखिरकार चौथे किशोर की भी जान ले ली। मंगलवार को 13 वर्षीय फरमान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले साहिल रजा, अजीत और अर्शिल की मौत हो चुकी थी। एक ही हादसे में चार किशोरों की मौत से पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।
गैस लीक से बना आग का गोला, चंद सेकंड में सब खत्म
जानकारी के अनुसार, गैराज के बेसमेंट में लंबे समय से अवैध रूप से गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही थी। घटना वाले दिन चारों किशोरों को सिलेंडर उठाकर ईको गाड़ी में रखने के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान अचानक गैस लीक होने लगी और एक चिंगारी ने पूरे बेसमेंट को आग के गोले में बदल दिया। देखते ही देखते चारों किशोर आग की लपटों में घिर गए और गंभीर रूप से झुलस गए।
एक-एक कर बुझ गई चार जिंदगियां
हादसे के बाद सभी घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत इतनी गंभीर थी कि पहले अजीत (13 वर्ष), फिर अर्शिल (14 वर्ष), इसके बाद साहिल रजा (15 वर्ष) और अब फरमान (13 वर्ष) ने भी दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
गरीबी और लापरवाही ने छीना परिवारों का सहारा
पीड़ित परिवारों के मुताबिक, बच्चे मजदूरी कर घर चलाने में मदद करते थे। अजीत के पिता फर्नीचर का काम करते हैं और बेटे की मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। अन्य परिवारों में भी मातम पसरा है। परिजनों ने गैराज मालिक पर अवैध काम कराने और गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अवैध रिफिलिंग नेटवर्क पर उठे सवाल, जांच शुरू
इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि लंबे समय से गैराज में अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा चल रहा था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है, और अवैध नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
शहर में आक्रोश, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
चार मासूमों की मौत के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि आखिर ऐसी खतरनाक गतिविधियां खुलेआम कैसे चल रही थीं। अब पूरे मामले में जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध गैस रिफिलिंग के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की मांग तेज हो गई है।
