हर-हर महादेव और आला हजरत की सदाओं से गूंजा शहर, कांवड़ियों और जायरीनों ने एक-दूसरे के लिए छोड़ा रास्ता, फूलों से हुआ स्वागत
बरेली, 8 अगस्त: सावन के महीने में बरेली ने शनिवार को प्रेम, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को फिर से जीवंत कर दिया। एक ओर उर्स-ए-रजवी में शामिल होने आए बड़ी संख्या में जायरीन आला हजरत की मोहब्बत में सदाएं बुलंद कर रहे थे, तो दूसरी ओर भगवा वस्त्रों में कांवड़ियों के जत्थे हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से गुजर रहे थे। आस्था के रंग भले ही अलग रहे, लेकिन दोनों समुदायों के बीच एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं के सम्मान और सहयोग की तस्वीर देखने को मिली। कई स्थानों पर कांवड़ियों के लिए रास्ता छोड़ा गया तो कहीं फूलों से उनका स्वागत किया गया।
कांवड़ियों और जायरीनों की भीड़ के बीच दिखा सौहार्द
शनिवार को आला हजरत का कुल शरीफ संपन्न होने के साथ उर्स-ए-रजवी का समापन हुआ। इसी दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों से कांवड़ियों के जत्थों का आवागमन भी जारी रहा। एक ही समय दो बड़े धार्मिक आयोजनों के चलते शहर में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रही। इसके बावजूद कई स्थानों पर दोनों समुदायों के लोगों ने संयम और सहयोग का परिचय दिया। जिन रास्तों से कांवड़ियों के जत्थे गुजर रहे थे, वहां उर्स में शामिल जायरीनों ने सड़क का हिस्सा खाली कर उनके आवागमन में सहयोग किया। वहीं कई जगहों पर पुष्पवर्षा और स्वागत के दृश्य भी देखने को मिले।
उर्स में पहली बार शाकाहारी भोजन की व्यवस्था
इस बार उर्स-ए-रजवी के दौरान सावन और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए शाकाहारी भोजन परोसने की व्यवस्था भी चर्चा में रही। इस पहल के पीछे धार्मिक आस्था के साथ दूसरे धर्म की भावनाओं के सम्मान का संदेश देने की कोशिश बताई गई। शनिवार को शहर में इसकी झलक भी देखने को मिली। उर्स में आने वाले जायरीन और कांवड़ियों के जत्थे कई स्थानों पर आसपास के मार्गों से गुजरते रहे, लेकिन आपसी सहयोग और सम्मान का माहौल बना रहा।
प्रशासन ने बैरिकेडिंग और मार्ग व्यवस्था से संभाली भीड़
दोनों धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और कांवड़ियों तथा जायरीनों की आवाजाही के लिए मार्गों को व्यवस्थित किया गया। पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को अलग-अलग रखने की कोशिश की गई, ताकि भीड़ के साथ आम लोगों को भी कम से कम परेशानी हो।
सड़क से नियंत्रण कक्ष तक अफसरों की नजर
उर्स और कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारी लगातार नजर बनाए रहे। अपर पुलिस महानिदेशक जोन रमित शर्मा, मंडलायुक्त शंभू कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य, पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीख और पुलिस अधीक्षक दक्षिण आंशिक वर्मा समेत कई अधिकारी फील्ड में मौजूद रहे। अधिकारियों ने चौकी चौराहा, पटेल चौक, बिहारीपुर, सिविल लाइंस सहित उर्स और कांवड़ यात्रा से जुड़े प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया।
नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी के जरिए निगरानी
पुलिस लाइन स्थित एकीकृत नियंत्रण एवं कमान केंद्र से दोनों धार्मिक आयोजनों की निगरानी की गई। सीसीटीवी कैमरों की सीधी तस्वीरों के जरिए उन स्थानों पर विशेष नजर रखी गई, जहां भीड़ का दबाव अधिक था। कुछ स्थानों पर भीड़ बढ़ने या लोगों के ऊंचे स्थानों पर चढ़ने की स्थिति में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिए लोगों से व्यवस्थित रहने की अपील की गई। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने और यातायात सुचारू रखने के निर्देश दिए गए।
यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान
पुलिस अधीक्षक यातायात अकमल खान के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने प्रमुख मार्गों और चौराहों पर विशेष व्यवस्था संभाली। जिन स्थानों पर कांवड़ियों और जायरीनों की संख्या अधिक थी, वहां अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। बैरिकेडिंग के जरिए पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। भीड़ बढ़ने की सूचना मिलते ही संबंधित स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को तत्काल सतर्क किया गया।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया पैदल भ्रमण
जिलाधिकारी अविनाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने पुलिस एवं प्रशासनिक टीम के साथ विभिन्न इलाकों में पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और श्रद्धालुओं के साथ संयम एवं संवेदनशीलता से व्यवहार करने के निर्देश दिए। बरेली में एक ही समय कांवड़ यात्रा और उर्स-ए-रजवी जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के बीच दिखाई दिया आपसी सहयोग शहर की गंगा-जमुनी तहजीब की तस्वीर पेश करता नजर आया। भारी भीड़ के बावजूद पुलिस-प्रशासन की निगरानी और लोगों के सहयोग से दोनों आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
