मगरिब की नमाज के बाद कसारी-मसारी कब्रिस्तान में हुआ अंतिम संस्कार, जनाजे में उमड़ी हजारों की भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान अहमद को शनिवार शाम प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। शाम करीब सात बजे मगरिब की नमाज के बाद अबान के शव को कब्रिस्तान में दफनाया गया। इस दौरान झांसी और लखनऊ जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज पहुंचे उसके भाई अली और उमर ने नम आंखों से छोटे भाई को अंतिम विदाई दी।
जेल से पहुंचे अली और उमर
अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसके भाई अली अहमद को झांसी जेल और उमर अहमद को लखनऊ जेल से प्रयागराज लाया गया। दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच कब्रिस्तान तक पहुंचाया गया। प्रयागराज पहुंचने के बाद दोनों कुछ समय तक वाहन में ही बैठे रहे। पुलिसकर्मी लगातार उन्हें वाहन से दूर रखने और सुरक्षा घेरा बनाए रखने की कोशिश करते रहे।
अली-उमर के पहुंचते ही बढ़ी भीड़
अली और उमर के प्रयागराज पहुंचते ही कसारी-मसारी इलाके में लोगों की भीड़ बढ़ गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कुछ लोग बैरिकेडिंग पार कर सुरक्षा घेरे में पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस लगातार माइक के जरिए लोगों से पीछे हटने और रास्ता खाली रखने की अपील करती रही।
कब्रिस्तान से मकान तक सड़क पर उमड़ी भीड़
कसारी-मसारी कब्रिस्तान से अतीक अहमद के जमींदोज मकान तक बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। दोनों स्थानों के बीच करीब एक किलोमीटर की दूरी है और पूरी सड़क पर भीड़ दिखाई दी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। जनाजे को सुरक्षित तरीके से कब्रिस्तान तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा घेरा मजबूत रखा गया।
शौकत अली भी जनाजे में हुए शामिल
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली भी अबान अहमद के सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
माइक से लोगों को पीछे हटने की अपील
पुलिस लगातार माइक से लोगों को वाहन और जनाजे से निर्धारित दूरी बनाए रखने की अपील करती रही। लोगों से रास्ता खाली रखने और वाहन के आसपास भीड़ न लगाने को कहा गया।मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कब्रिस्तान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।
मगरिब की नमाज के बाद हुआ सुपुर्द-ए-खाक
सभी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार शाम करीब सात बजे मगरिब की नमाज के बाद अबान अहमद को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान उसके भाई अली और उमर ने नम आंखों से छोटे भाई को अंतिम विदाई दी। अबान के अंतिम सफर के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
