बरेली : किसानों का शांतिपूर्ण सत्याग्रह आज 40वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी क्रम में किसान सत्याग्रह आंदोलन समिति का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद नीरज कुशवाहा मौर्य (आंवला लोकसभा क्षेत्र, समाजवादी पार्टी) से मिला और कथित धान-गेहूं-बीज गड़बड़ी के मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के गोदाम, ग्राम बगरैन (जिला बदायूं) से लगभग 10,000 क्विंटल (1031 मीट्रिक टन) धान, गेहूं एवं बीज की कथित लूट/गड़बड़ी हुई है। किसानों के अनुसार इस स्टॉक का अनुमानित मूल्य करीब 4 करोड़ है।किसानों का कहना है कि इस घटना से हजारों परिवारों की वर्षों की मेहनत और भरोसे को गहरी चोट पहुंची है।

जांच पर भी उठे सवाल
आंदोलन समिति के संयोजक डॉ. हरीश कुमार गंगवार ने बताया कि 27 जनवरी, 2026 को जिला प्रशासन द्वारा जांच समिति गठित की गई थी, लेकिन अब तक ठोस प्रगति या सार्वजनिक अपडेट नहीं मिला।
किसानों की यह हैं मुख्य मांगें
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष SIT जांच कर दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई कर एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए। पीड़ित किसानों को पूर्ण भुगतान/मुआवजा मिले। जिसके चलते सांसद नीरज कुशवाहा मौर्य ने मामले को गंभीर बताते हुए आश्वासन दिया कि किसानों का मुद्दा लोकसभा में उठाया जाएगा। संबंधित विभागों और राज्य सरकार से संपर्क कर जांच तेज कराने का प्रयास होगा।किसानों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे
प्रतिनिधिमंडल में यह थे मौजूद
डॉ. हरीश कुमार गंगवार के नेतृत्व में मोहम्मद ज़की, कमरूदीन सैफी, आशीष रुस्तम, बिपिन पटेल, सतीश सैनी, अरविंद पटेल, मुहम्मद कमरुद्दीन, उल्फत सिंह कठेरिया, रमेशचन्द्र श्रीवास्तव सहित कई पीड़ित किसान मौजूद रहे।
