बरेली : रेलवे कर्मचारियों से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। पूर्वोत्तर रेलवे से संबद्ध NE रेलवे मज़दूर यूनियन के महामंत्री बसन्त चतुर्वेदी को DCJCM और NCJCM का सदस्य नामित किया गया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की ओर से आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। इसे पूर्वोत्तर रेलवे जोन के हजारों कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, बसंत चतुर्वेदी हमेशा कर्मचारी हित में काफी सक्रिय रहते हैं, और उनकी मांगों को लेकर कई बड़े आंदोलन किए हैं।
क्या है DCJCM और NCJCM?
केंद्र सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच संवाद की औपचारिक व्यवस्था को Joint Consultative Machinery (JCM) कहा जाता है। इसी ढांचे के तहत दो प्रमुख स्तर कार्य करते हैं। DCJCM (Departmental Council -JCM) यह विभागीय स्तर की समिति होती है। रेलवे जैसे विभागों में अधिकारी और कर्मचारियों के प्रतिनिधि मिलकर सेवा शर्तों, तबादले, पदोन्नति, कार्य परिस्थितियों, भत्तों और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। NCJCM (National Council- JCM) यह राष्ट्रीय स्तर की सर्वोच्च परिषद है। इसमें भारत सरकार और विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल होते हैं। यहां लिए गए निर्णयों का प्रभाव देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों पर पड़ता है।
अब NE रेलवे की सीधी भागीदारी
बसन्त चतुर्वेदी ने बताया कि अब भारत सरकार के साथ होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों में NE रेलवे मज़दूर यूनियन का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। उनका कहना है कि यह केवल एक पद नहीं, बल्कि कर्मचारियों की समस्याओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने का अवसर है।पूर्वोत्तर रेलवे जोन की लंबित और जायज़ मांगों को DCJCM/NCJCM बैठकों में प्रमुखता से रखा जाएगा। इससे कर्मचारियों की आवाज़ सीधे रेलवे बोर्ड और भारत सरकार तक पहुंचेगी।
आगामी बैठक में उठेंगे अहम मुद्दे
जानकारी के अनुसार, 16 और 17 मार्च को प्रस्तावित DCJCM/NCJCM बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों का मानना है कि इस नामांकन से संवाद की प्रक्रिया मजबूत होगी और कर्मचारियों के हित में ठोस फैसलों की संभावना बढ़ेगी। NE रेलवे मज़दूर यूनियन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। संगठन इसे कर्मचारियों के लंबे संघर्ष, विश्वास और एकजुटता की जीत बता रहा है।
