SIR अभियान तेज़, मृत-स्थानांतरित नाम हटेंगे, और 100 फीसद सत्यापित होगी मतदाता सूची
बरेली : आगामी विधानसभा- लोकसभा चुनाव की तैयारी को देखकर बरेली मण्डल में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को तेज कर दिया गया है। जिसके चलते मंगलवार को मण्डलायुक्त (कमिश्नर) भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में जीआईसी सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में बरेली, पीलीभीत और बदायूं जिलों के जिलाधिकारी, एईआरओ/ईआरओ, नगर आयुक्त व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में विधानसभावार बीएलओ को बुलाकर विस्तृत ब्रीफिंग की जाए, ताकि मतदाता सूची अपडेट के दौरान किसी भी स्तर पर तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी त्रुटि न हो। उन्होंने कहा कि बीएलओ के पास वोटर लिस्ट, रजिस्टर और एम्यूनेशन फॉर्म उपलब्ध होंगे, जिनके आधार पर घर-घर सर्वे और मैपिंग सुनिश्चित कराई जानी है। उन्होंने स्पष्ट कहा “मतदाता सूची में त्रुटि, फर्जी नाम या मृत/स्थानांतरित मतदाताओं का नाम बना रहना एक गंभीर अनियमितता है। नियम विरुद्ध कार्य करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
7 फरवरी 2026 तक पूरी होगी प्रक्रिया

बैठक में जिलाधिकारी (डीएम) बरेली अविनाश सिंह ने बताया कि 12 राज्यों में चल रहे इस पुनरीक्षण अभियान में 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाया गया है और 07 फरवरी 2026 तक कार्य पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। बीएलओ हाउस-टू-हाउस सर्वे कर फॉर्म वितरित व संग्रह करेंगे। भौतिक सत्यापन अनिवार्य है। एईआरओ को अपने आवंटित 100 बूथों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करना होगा। किसी विधानसभा में असामान्य वृद्धि/कमी की निगरानी डैशबोर्ड से होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “आधार कार्ड नागरिकता, उम्र या पते का प्रमाण नहीं है। इसलिए दस्तावेज सत्यापन में सतर्कता आवश्यक है।”
पीलीभीत-बदायूं डीएम ने दी हिदायत

डीएम पीलीभीत ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं की कलर्ड फोटो उपलब्ध कराने में कठिनाई हो सकती है, ऐसे में बीएलओ और सचिवालय के कंप्यूटर ऑपरेटर मिलकर सहयोग करेंगे। डीएम बदायूं अवनीश राय ने कहा कि “मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे, इस पर कई स्तरों पर स्क्रूटनी हो रही है। इसलिए पारदर्शिता सबसे प्राथमिकता है।”बैठक में यह भी तय हुआ कि सर्विलांस टीमें 30 बीएलओ और सुपरवाइजरों के कार्यों की निगरानी करेंगी। हर विधानसभा का अलग VRC (Voter Registration Center) होगा। कर्मचारियों के आई-कार्ड जारी किए जाएंगे। जियो-टैग फोटो अनिवार्य होगी। पैन कार्ड और पासपोर्ट का ऑनलाइन सत्यापन भी किया जाएगा
यह थे बैठक में मौजूद

इस दौरान बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन प्रीति जायसवाल, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, सीडीओ बरेली देवयानी, संयुक्त मजिस्ट्रेट इशिता किशोर, एडीएम संतोष कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
