बरेली : कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब मंडल आयुक्त भूपेंद्र सिंह बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण के लिए पहुंच गए। उनके अचानक दौरे से अधिकारियों और कर्मचारियों में सक्रियता बढ़ गई और पूरे परिसर में व्यवस्था को लेकर तत्परता दिखाई देने लगी।
विभागों की कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड की जांच
निरीक्षण के दौरान मंडल आयुक्त ने शस्त्र विभाग, नाजिर कार्यालय और लेखागार विभाग का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, कार्य प्रणाली और फाइलों के प्रबंधन की स्थिति को परखा। कुछ विभागों में रिकॉर्ड अपडेट रखने और कार्य में सुधार की जरूरत भी सामने आई।

लंबित फाइलों पर जताई नाराजगी, दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान कई दफ्तरों में फाइलों के लंबित मिलने पर मंडल आयुक्त ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा में निपटाया जाए, ताकि शिकायतों का समाधान तेजी से हो सके।
साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर
कलेक्ट्रेट परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पेयजल और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया,ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कमिश्नर ने कहा कि प्रशासन को पारदर्शी और जनहितकारी बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए आम जनता को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। इस दौरान डीएम अविनाश सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
