पहले दिन हंगामा, दूसरे दिन सन्नाटा, बीडीए ने धराशायी कर दिए दोनों मैरिज हॉल
बरेली : शहर में अवैध निर्माणों पर बीडीए की बड़ी और लगातार कार्रवाई ने बुधवार को एक बार फिर माहौल गरमा दिया। सपा नेता सरफराज वली खान और राशिद खान के दो बरातघरों पर दूसरे दिन भी बुलडोज़र लगातार गरजता रहा। सुबह 11:33 बजे से शुरू हुई कार्रवाई देर दोपहर तक जारी रही। मजिस्ट्रेट रामजन्म यादव, बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार और सीओ सिटी तृतीय पंकज कुमार के नेतृत्व में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। आसपास का पूरा इलाका पुलिस फोर्स से घिरा रहा, ताकि किसी भी तरह की अराजकता न हो।
विरोध और भारी सुरक्षा के बीच ऑपरेशन जारी

मंगलवार को पहले दिन जब कार्रवाई शुरू हुई थी, तब सरफराज और राशिद के परिवार की महिलाओं ने जोरदार विरोध किया था। परिवार के युवकों ने पुलिस से कहा कि उनका आजम खान या मौलाना तौकीर रजा से कोई संबंध नहीं है, लेकिन कथित राजनीतिक संबंधों के आरोपों के बीच बीडीए ने कार्रवाई जारी रखी। दूसरे दिन बुधवार को विरोध बिल्कुल नहीं दिखा। पुलिस पहले से ज्यादा तैयार थी। महिला पुलिस बल को सामने वाले घर की छत पर तैनात किया गया, जबकि परिवारजनों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि “किसी प्रकार की हरकत की तो ठीक नहीं होगा।”सुबह 11:40 बजे एडीएम सिटी सौरभ दुबे और एसपी सिटी मानुष पारीक भी मौके पर पहुंचे, जिससे कार्रवाई और तेज हो गई।
14 साल पुराना नोटिस, आखिरकार फाइलों से निकली कार्रवाई

सूफी टोला स्थित एवान-ए-फरहत बरातघर और गुड मैरिज हॉल पर 12 अक्टूबर 2011 को ही ध्वस्तीकरण आदेश जारी हो चुका था। यह आदेश 14 साल, 1 माह, 12 दिन तक फाइलों में दबा रहा। 24 नवंबर 2025 को बीडीए सचिव वंदिता श्रीवास्तव ने भवन खाली करने का नोटिस दिया। और इस नोटिस के 72 घंटे बाद ही कार्रवाई शुरू हो गई।यह दिखाता है कि बीडीए बरेली में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त संदेश देना चाह रहा है। मगर, विपक्ष का कहना है कि एक वर्ग विशेष के लोगों पर ही ऐसी कार्रवाई क्यों?।
राजनीति का कनेक्शन, क्यों फंसे सरफराज और राशिद?

सरफराज वली खान के राजनीतिक रसूख की चर्चा लंबे समय से होती रही है। आजम खान जब हज समिति के अध्यक्ष थे तो सरफराज समिति के सदस्य थे। बीडीए ने 2011 में ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। मगर, यह दवा रहा। 2017 में सत्ता बदलने के बाद भी आदेश फाइलों में ही दबा रहा…लेकिन 26 सितंबर 2025 के बवाल ने कहानी बदल दी।
26 सितंबर के बाद एक्शन
शहर में 26 सितंबर को हुए बड़े बवाल के बाद प्रशासन ने मौलाना तौकीर रज़ा और उनके करीबियों पर कार्रवाई तेज की। उसी क्रम में अवैध निर्माणों पर भी एक के बाद एक ऑपरेशन शुरू किए गए। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने साफ कहा “साक्ष्य और सुनवाई का पूरा अवसर देने के बाद विधिसंगत कार्रवाई की जा रही है।”
