दर्जनों किसानों के दस्तावेज बरामद, एएमओ की तहरीर पर FIR दर्ज
बरेली : धान क्रय केंद्रों पर बिचौलियों की सक्रियता को लेकर किसानों की शिकायत आखिर सच साबित हुई।नवाबगंज गल्ला मंडी में सोमवार रात भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने एक बिचौलिया को रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसके पास दर्जनभर से अधिक किसानों की खतौनी, आधार कार्ड, तौल पर्चियां और लेन-देन की कॉपी बरामद की गई। आरोपी बिचौलिया की पहचान सुरेंद्र कुमार निवासी समूहा गांव के रूप में हुई है। एसडीएम के निर्देश पर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (AMO) अरविंद कुमार राठी ने नवाबगंज थाने में FIR दर्ज कराई है।
जानें क्या था मामला?
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रभारी चंद्र प्रकाश पटेल ने बताया कि 7 नवंबर की शाम यूनियन कार्यकर्ताओं ने मंडी में कुछ लोगों को आपस में बात करते सुना कि “1670 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गांव -गांव में किसानों से धान खरीद लिया गया है।”जब यूनियन कार्यकर्ताओं ने जांच की, तो सुरेंद्र नामक व्यक्ति के पास कई किसानों के सत्यापित दस्तावेज मिले। उसी समय यूनियन ने एसडीएम उदित पवार को इसकी जानकारी दी। एसडीएम ने तुरंत आदेश दिया, बिचौलिये पर कार्यवाही हो। इसके बाद रात करीब 1 बजे आरोपी सुरेंद्र के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की गई।
किस-किस किसानों के कागज़ मिले?
आरोपी से बरामद दस्तावेज़ों में इंद्रजीत (ढकिया खेरूद्दीन),भोलानाथ (समूहा), लेखराज, राजपाल, भानु प्रताप व विमल कुमार (रत्नानंदपुर समूहा), शिवदयाल (रिछोला किफायतुल्ला) और कई अन्य किसानों के नामों की खतौनियां और पहचान पत्र भी शामिल हैं। इसके अलावा धान तौल की 6 पर्चियां, लेन-देन की हिसाब किताब की कॉपी, कुछ पंजीकरण फार्म भी जब्त किए गए हैं।
बिचौलिया कैसे खेल कर रहा था धान खरीद में
गांवों में किसानों से सस्ते में धान खरीदता था, फिर किसानों के नाम पर मंडी में बेचने की तैयारी करता। कुछ किसानों के पंजीकरण पहले ही क्रय केंद्रों पर करा दिए थे। मंडी गेट पास भी लगातार बनवा रहा था। यानी किसान को कम दाम, और सरकारी केंद्र पर पूरा भुगतान खुद। बिचौलियों पर नियंत्रण में प्रशासन सख्त है। डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय ने कहा है कि “सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को साफ निर्देश हैं, यदि धान खरीद में किसी बिचौलिये की संलिप्तता मिली, तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। नवाबगंज में हुई पूरी कार्रवाई हमारे आदेश पर हुई है।”थानाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा “आरोपी की तलाश जारी है, पुलिस टीम दबिश दे रही है।”
किसान यूनियन का आरोप
नवाबगंज मंडी में कुल 16 क्रय केंद्र हैं, लेकिन ज्यादातर केंद्रों पर बिचौलियों का दबदबा है। किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ पूरी तरह नहीं मिल पा रहा
