बरेली : नगर विकास नियमों को दरकिनार कर अवैध रूप से बनाए जा रहे प्लॉट और कॉलोनियों पर बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने थाना कैंट क्षेत्र में दो अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कराया। दोनों ही स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृति के सड़कें, बाउंड्रीवाल और प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था। सबसे पहले बुलडोजर लालफाटक रोड की रामेश्वरधाम कालोनी में पहुंचा। यहां ओम प्रकाश एवं अन्य द्वारा लालफाटक रोड पर लगभग 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में ‘रामेश्वरधाम-1’ नाम से अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। बिना BDA की अनुमति के प्लॉटों का चिन्हांकन, सड़कें और बाउंड्रीवाल तक बना दी गई थी। इसके बाद कैंट थाना क्षेत्र में 7,000 वर्गमीटर में चल रही प्लॉटिंग पर पहुंचा। यहां ठाकुर महावीर सिंह एवं अन्य द्वारा कैंट क्षेत्र में करीब 7,000 वर्गमीटर में अवैध प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और साइट ऑफिस तैयार किया जा रहा था। इस कॉलोनी को भी पूर्णतः अवैध घोषित कर ध्वस्त कर दिया गया।
किसके नेतृत्व में की गई कार्रवाई?

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई विशेष कार्याधिकारी अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। इस दौरान सहायक अभियंता गजेन्द्र पाल शर्मा, अवर अभियंता सुरेंद्र द्विवेदी और पूरी प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही।
BDA ने आम जनता को दिया महत्वपूर्ण अलर्ट

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि
उ.प्र. नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के अनुसार बिना मानचित्र स्वीकृति के प्लॉटिंग एवं भवन निर्माण करना पूरी तरह अवैध है। भविष्य में ऐसे निर्माणों को बिना किसी नोटिस के ध्वस्त किया जा सकता है। BDA ने खरीदारों को आगाह किया है कि कोई भी प्लॉट या मकान खरीदने से पहले उसकी मानचित्र स्वीकृति प्राधिकरण से अवश्य जांच लें। यदि कॉलोनी अनधिकृत पाई गई, तो संपूर्ण जिम्मेदारी खरीदार और निर्माणकर्ता की होगी। ऐसे मामलों में कोई मुआवज़ा नहीं दिया जाएगा।
