बरेली : 26 सितंबर, 2025 को शहर में हुए बवाल के मामले में बरेली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी यूनुस उर्फ मुन्ना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
क्या था 26 सितंबर का पूरा मामला?
पुलिस का कहना है, 26 सितंबर 2025 को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा के आह्वान पर जुमे की नमाज़ के बाद इस्लामिया इंटर कॉलेज, कोतवाली नगर क्षेत्र में लोगों के एकत्र होने की कोशिश की गई थी। उस समय शहर में दुर्गा पूजा, दशहरा, शहदाना उर्स और सकलैनी उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन चल रहे थे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने इलाके में धारा 163 लागू कर रखी थी और किसी भी प्रकार के जुलूस या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी।
अनुमति के बिना जुटी भीड़, पुलिस पर हमला
प्रशासन की अनुमति न होने के बावजूद कुछ असामाजिक तत्व नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में इस्लामिया इंटर कॉलेज की ओर बढ़ने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। इसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।
दो मुकदमे, लगीं गंभीर धाराएं
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए। इनमें कई नामजद आरोपियों के साथ-साथ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया। तभी से पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
ऐसे हुई यूनुस उर्फ मुन्ना की गिरफ्तारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूनुस पुत्र अकरम उर्फ मुन्ना, निवासी चक महमूद, थाना बारादरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी की भूमिका बवाल भड़काने और हिंसा में शामिल रहने की थी। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
