जन्मदिन पार्टी के दौरान कैफे में घुसकर की नारेबाजी, मारपीट और तोडफ़ोड़! कानून हाथ में लेना पड़ा भारी
बरेली : यूपी के बरेली में लव जिहाद के नाम पर शहर के प्रेमनगर क्षेत्र स्थित एक कैफे में हंगामा और माहौल बिगाड़ने का मामला तूल पकड़ गया है। पुलिस ने कैफे संचालक की तहरीर पर बजरंग दल के दो नामजद नेताओं समेत 25 कार्यकर्ताओं के खिलाफ बलवा, मारपीट, हंगामा, प्रदर्शन और सांप्रदायिक माहौल भड़काने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है, तो वहीं, कैफे में हुए हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है।
जन्मदिन पार्टी में बवाल, ‘लव जिहाद’ का लगाया आरोप
शहर के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के एक हॉस्टल में रहने वाली युवती निजी कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है। शनिवार को उसके जन्मदिन के मौके पर दोस्तों ने प्रेमनगर स्थित ‘दि डेन कैफे एंड रेस्टो’ में पार्टी आयोजित की थी। पार्टी में कुल 10 लोग शामिल थे। इसमें छह युवतियां और चार युवक मौजूद थे। चार युवकों में से दो युवक शान और वाकिफ मुस्लिम समुदाय से बताए गए हैं। आरोप है कि किसी ने इसकी सूचना हिंदू संगठनों को दे दी। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और बिना किसी पुष्टि के लव जिहाद का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
कैफे में घुसकर नारेबाजी, अभद्रता और अफरा-तफरी
कैफे संचालक शैलेन्द्र गंगवार का आरोप है कि कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कैफे के अंदर घुस गए और वहां मौजूद युवतियों व युवकों से अभद्रता की। इसके साथ ही कैफे में तोड़फोड़ की। उन्होंने कैफे का कीमती सामान तोड़ दिया। अचानक हुए हंगामे से कैफे में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर प्रेमनगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस युवती समेत सभी लोगों को थाने ले गई। इस दौरान एक युवक वाकिफ मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे युवक शान को हिरासत में लिया गया।
पहले शांति भंग, फिर पलटा मामला
प्रारंभिक कार्रवाई में पुलिस ने शान, फरार वाकिफ और कैफे के एक स्टाफ सदस्य के खिलाफ शांति भंग में चालान किया। इसके बाद में मामले की जानकारी सीओ प्रथम आशुतोष शिवम को होने पर पूरे घटनाक्रम की गहन समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि युवती बालिग है, और अपनी मर्जी से दोस्तों के साथ पार्टी में शामिल हुई थी।युवती के परिजनों को भी थाने बुलाकर बयान दर्ज किए गए।
जांच के बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर FIR
जांच में कैफे में हंगामा और माहौल बिगाड़ने में बजरंग दल कार्यकर्ताओं की भूमिका सामने आने के बाद प्रेमनगर थाने में दो नेताओं समेत 25 कार्यकर्ताओं के खिलाफ बलवा, मारपीट, हंगामा, प्रदर्शन और सांप्रदायिक उकसावे की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने साफ कहा कि “कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी संगठन से जुड़े हों। वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।”
ऋषभ ठाकुर और दीपक ठाकुर फिर विवादों में
इस मामले में ऋषभ ठाकुर और दीपक ठाकुर के नाम एक बार फिर चर्चा में हैं। आरोप है कि इससे पहले भी दोनों पर 25 दिसंबर को चर्च परिसर में हंगामा, 26 दिसंबर को कोतवाली गेट पर प्रभाव दिखाने, सीओ आशुतोष शिवम और मुरादाबाद के नाम के नारे लगाने, और सार्वजनिक स्थानों पर विवादित पोस्टर लगाने जैसे आरोप लग चुके हैं। इतना ही नहीं, इनकी गतिविधियों का विरोध करने वाले एक युवक के घर तक मारपीट के इरादे से पहुंचने का वीडियो भी पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
संगठन ने झाड़ा पल्ला, किया बाहर
लगातार विवादों और नकारात्मक छवि के बाद संबंधित संगठनों ने सख्त रुख अपनाया है। पदाधिकारियों का कहना है कि ऋषभ ठाकुर और दीपक ठाकुर को संगठन से बाहर कर दिया गया है, और भविष्य में उनके किसी भी कृत्य से संगठन का कोई संबंध नहीं रहेगा।
सवालों के घेरे में माहौल बिगाड़ने की राजनीति
चर्च से कैफे तक फैले इन विवादों ने शहर में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या बेबुनियाद आरोपों के नाम पर कानून हाथ में लेने वालों पर प्रशासन सख्ती दिखाएगा, या ऐसे मामले आगे भी शहर की शांति भंग करते रहेंगे?। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
