बरेली : यूपी के बरेली की ग्राम पंचायत निधि में 25 से 31 लाख तक की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी (डीएम) अविनाश सिंह ने बृहस्पतिवार को विकास खंड आलमपुर जाफराबाद के ग्राम पंचायत बल्लिया के ग्राम प्रधान विनोद कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया। जांच के बाद मामला गंभीर गबन और भ्रष्टाचार का पाया गया है। बताया जाता है कि सिर्फ चार माह में 86 लाख रुपये का कार्य दिखाकर, एक ही बिल नंबर पर 10 बार भुगतान कर दिया गया। रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि शैलेंद्र सिंह के नाम पर 50 लाख रुपये से अधिक की राशि अनियमित ढंग से रिलीज कर दी गई थी।
पहले सचिव निलंबित हुआ, अब प्रधान पर कार्रवाई

डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने 29 सितंबर को ग्राम पंचायत अधिकारी (तत्कालीन सचिव) अजय कुमार को निलंबित कर दिया था। इसके बाद जांच में ग्राम प्रधान भी सीधे वित्तीय अनियमितताओं में शामिल पाए गए। बताया जाता है कि जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम प्रधान विनोद कुमार गुप्ता और सचिव अजय कुमार ने कार्य योजनाओं को टुकड़ों में बांटा। ग्रामसभा की मंजूरी नहीं ली। सक्षम अधिकारी से स्वीकृति नहीं ली। काम हुए बिना ही भुगतान कराए। माप पुस्तिका के बजाय सिर्फ प्राक्कलन के आधार पर रकम निकाली। कागज़ों पर काम दिखाकर 31,04,771 रुपये का गबन किया
इन कार्यों में मिली गड़बड़ी
बताया जाता है कि होली चौक पर बाउंड्री वॉल निर्माण कागज़ों में पूरा, ज़मीनी हकीकत अधूरी थी। खाद्यान्न भंडारण भवन परिसर में इंटरलॉकिंग वास्तविकता संदिग्ध है।ग्राम पंचायत में डिप व जाल निर्माण माप पुस्तिका उपलब्ध नहीं। पक्का नाला निर्माण भुगतान तो हुआ, काम नाम मात्र। श्रमांश भुगतान शिकायतें और प्रमाण संदिग्ध मिले। डीएम ने मीडिया को बताया कि “दोनों अधिकारियों ने शासन के धन का दुरुपयोग किया है। ग्राम प्रधान को वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों के प्रयोग से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। आगे की जांच लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को सौंपी गई है। PWD की विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट आएगी। इसके बाद रकम की वसूली और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। दोष सिद्ध होने पर FIR व कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
