पूर्व कैबिनेट मंत्री मुहम्मद आजम खां के करीबी पर BDA का बड़ा एक्शन, महिलाओं के विरोध पर भी नहीं रुकी कार्रवाई
बरेली : शहर के सूफी टोला क्षेत्र में मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने सपा नेता और आज़म खां के करीबी सरफराज वली खान के ऐवान-ए-फरहत बरातघर और उनके बगल में बने राशिद खां के गुड मैरिज हॉल पर अवैध निर्माण बताकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। दो बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ यह कार्रवाई करीब दोपहर 2 बजे शुरू हुई। इस दौरान छत पर मौजूद महिलाओं के जोरदार विरोध, रोने-चिल्लाने और रहम की गुहार के बावजूद बीडीए टीम ने ऑपरेशन रोकने से इनकार कर दिया। लगभग 2:45 बजे बुलडोजर गरजना शुरू हुए और तोड़फोड़ की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
ऐसे शुरू हुआ बुलडोजर एक्शन?

बीडीए की टीम सुबह 9 बजे इलाके में पहुंच गई थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक कंट्रोल में समय लगने के कारण कार्रवाई दोपहर 2 बजे शुरू हो सकी। दो बुलडोजर, अनेक बीडीए अधिकारी, और भारी पुलिस फोर्स तैनात थी। छत पर मौजूद महिलाओं ने शारीरिक रूप से रोकने की कोशिश की, कई रो पड़ीं, लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी
क्यों गिराए जा रहे हैं दोनों बरातघर, जानें क्या बोला BDA
बीडीए के मुताबिक ऐवान-ए-फरहत और गुड मैरिज हॉल मानकों के विपरीत और बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए गए। संकरे रास्ते के किनारे बने इन निर्माणों से क्षेत्र में आवागमन और सुरक्षा को खतरा था। सरफराज वली खां सपा के पुराने नेता हैं, और पूर्व कैबिनेट मंत्री मुहम्मद आज़म खां के बेहद करीबी हैं। वह यूपी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं। राशिद खां कारोबारी हैं। स्थानीय तौर पर प्रभावशाली हैं। उन पर बरेली बवाल (26 सितंबर) में युवाओं को उकसाने और आर्थिक मदद देने का आरोप लगाए जा रहे हैं।
सियासी कनेक्शन भी चर्चा में
सरफराज वली खान के बेटे सैफ वली खान कैंट विधानसभा से सपा टिकट के दावेदार माने जाते हैं। माना जा रहा है कि बरातघर टूटने से उनकी राजनीतिक जमीन पर बड़ा असर पड़ सकता है। यह टीम सोमवार को भी गई थी। उस वक्त दो चौकी इंचार्ज और बारादरी थाने की फोर्स पहुंची। मगर, इलाके में जाम, ट्रैफिक को नियंत्रित करने में पुलिस जुटी रही, और गुड मैरिज हॉल का सामान बाहर निकाला जाना शुरू किया गया। मालियों की पुलिया की तरफ से आने वाला ट्रैफिक रोका गया।
