बरेली: मुहब्बत और अकीदत की सरज़मीं बरेली में आज 29 अगस्त 2025 (5 रबीउल अव्वल, जुमा) को “58वां उर्स-ए-शराफ़ती” बड़ी शान-ओ-शौकत से मनाया गया। हज़रत शाह सकलैन एकेडमी की जानिब से मोहल्ला जोगी नवादा पर सजाया गया जश्ने शाह शराफ़त मियां अलैहिर्रहमा, जिसकी सरपरस्ती ख़ानकाहे सकलैनिया शराफ़तिया के सज्जादा नशीन गाज़ी मियां हुज़ूर मद्दाजिल्लाहुल आली ने फ़रमाई। कार्यक्रम का आग़ाज़ बाद नमाज़े-ईशा रात 9 बजे फ़ातिहा ख्वानी से हुआ। इसके बाद महफिल -ए-नात और मनक़बत का सिलसिला शुरू हुआ। यहां हसीब सकलैनी, इमरान सकलैनी, ज़ीशान सकलैनी, अरवाज़ सकलैनी और मजहर हुसैन ने रूहानी कलाम पेश किए।
ईद मिलादुन्नबी की अज़मत बयान की
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महफ़िल में ईद मिलादुन्नबी की अज़मत बयान की गई और अवाम से यह पैग़ाम दिया गया कि यह साल हमारे आक़ा रहमतुल-लिल-आलमीन का 1500वां जश्ने विलादत है। जिसे मुहब्बत, अक़ीदत और एकजुटता के साथ मनाना है। घरों-मोहल्लों को सजाने, ज़रूरतमंदों की मदद करने और नियाज़-ओ-लंगर बांटने पर ज़ोर दिया गया।
लंगर का किया इंतज़ाम
अकीदतमंदों के लिए बड़े पैमाने पर लंगर-ए-आम का एहतिमाम किया गया। बेशुमार तादाद में लोगों ने लंगर का लुत्फ उठाया और महफ़िल देर रात तक रौनक़ अफ़रोज़ रही।
इन ख़ास शख़्सियात ने की शिरकत
महफ़िल में हाफ़िज़ गुलाम गौस सकलैनी, मौलाना रूममान क़ादरी, हाफ़िज़ नफीस सकलैनी, हाफ़िज़ कारी आमिल सकलैनी, हाफ़िज़ जाने आलम, हमज़ा सकलैनी, हाजी लतीफ़ सकलैनी, हाफ़िज़ आफ़ाक सकलैनी, ज़िया राशिद सकलैनी, इंतज़ार हुसैन समेत बड़ी तादाद में अकीदतमंद मौजूद रहे। कल 30 अगस्त (6 रबीउल अव्वल) को मोहल्ला ज़खीरा घेर शेख़ मिठ्ठू में जश्ने शाह शराफ़त का इंतज़ाम होगा, और बड़े पैमाने पर लंगरे आम तक़सीम किया जाएगा।
