बरेली : नाथनगरी बरेली का एक साधारण युवक आज असाधारण संकल्प का प्रतीक बन गया है। जहां लोग कुछ किलोमीटर पैदल चलकर थक जाते हैं, तो वहीं बरेली का अमित बीते 233 दिनों से लगातार पैदल यात्रा कर रहा है। यह यात्रा केवल दूरी तय करने की नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, आत्मशांति और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता की यात्रा है।17 जून 2025 को बरेली से शुरू हुई यह पदयात्रा अब तक लगभग 6000 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है और आज भी जारी है। लोग अब उन्हें प्रेम से “अमित बरेली वाला” कहकर पहचानने लगे हैं।
साइकिल यात्रा के बाद पदयात्रा का संकल्प
अमित इससे पहले केदारनाथ और बद्रीनाथ की साइकिल यात्रा पूरी कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने और भी कठिन मार्ग चुनते हुए लंबी पदयात्रा का संकल्प लिया। उनका कहना है कि यह निर्णय किसी रिकॉर्ड, प्रचार या प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और ईश्वर के सान्निध्य के लिए लिया गया है।
नेपाल से शुरू हुई तीर्थों की यात्रा
बरेली से निकलकर अमित सबसे पहले नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों और ज्योतिर्लिंगों तक पैदल यात्रा कर दर्शन किए, जिनमें काशी विश्वनाथ, अयोध्या, ओंकारेश्वर, घृष्णेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, सोमनाथ, नागेश्वर शामिल हैं। इन दिनों अमित अहमदाबाद से मेवाड़ के प्रसिद्ध तीर्थ सांवरिया सेठ के दर्शन के लिए पैदल आगे बढ़ रहे हैं।
आगे उज्जैन और वृंदावन, फिर बरेली वापसी
अपनी आगे की यात्रा में अमित महाकालेश्वर (उज्जैन) और वृंदावन जाएंगे। इसके बाद वे दोबारा बरेली लौटेंगे। रास्ते में जहां भी वे रुकते हैं, स्थानीय लोग उनके संकल्प और साधना से प्रभावित होकर भोजन, ठहरने और अन्य सहयोग प्रदान करते हैं।
“मन-शरीर-आत्मा का जुड़ाव है पदयात्रा”
अमित कहते हैं,“पैदल चलने से मन, शरीर और आत्मा- तीनों का जुड़ाव होता है। यही कारण है कि थकान महसूस नहीं होती।”उनका मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आत्मिक शांति के लिए ऐसे अनुभव बेहद ज़रूरी हैं। सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना अमित अपनी यात्रा के अनुभव सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से साझा करते हैं। उनकी पोस्ट्स को बड़ी संख्या में लोग देख रहे हैं और सराह रहे हैं। कई युवा उनसे प्रेरणा लेकर संपर्क भी कर रहे हैं।
बरेली कॉलेज के छात्र रहे हैं अमित
अमित शहर के तिलक इंटर कॉलेज और बरेली कॉलेज के छात्र रह चुके हैं। उनके शिक्षक, सहपाठी और परिचित इस यात्रा पर गर्व महसूस कर रहे हैं। बरेली शहर में भी उनके प्रति उत्साह है और संभावना जताई जा रही है कि घर वापसी पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
