किसानों का भुगतान न करने पर प्रशासन सख्त, मूल्यांकन के बाद शुरू होगी नीलामी प्रक्रिया; पहले 8900 क्विंटल चीनी भी हो चुकी है कुर्क
बरेली : यूपी के बरेली देहात की नवाबगंज स्थित ओसवाल चीनी मिल पर गन्ना किसानों का करीब 70 करोड़ रुपये बकाया होने के बाद प्रशासन ने मिल की नीलामी की तैयारी शुरू कर दी है। जिले के लगभग 22 हजार किसानों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। प्रशासन का कहना है कि नीलामी से प्राप्त धनराशि किसानों के बकाये के भुगतान में इस्तेमाल की जाएगी। इसी सप्ताह राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर की टीम मिल का मूल्यांकन करने पहुंच सकती है। इसके बाद नीलामी की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे पहले बहेड़ी में स्थित शुगर मिल की भूमि को बेचकर किसानों का भुगतान किया गया था।
30 साल पहले की थी स्थापित
ओसवाल ओवरसीज लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी और 1998 में मिल ने उत्पादन शुरू किया था। वित्त वर्ष 2023-24 में मिल पर किसानों का 107.12 करोड़ रुपये भुगतान देय था। इसमें से 91.64 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया, लेकिन 15.48 करोड़ रुपये बकाया रह गए। इसके बाद वर्ष 2024-25 में मिल ने किसानों से 39.45 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। इससे कुल बकाया बढ़कर 54.93 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो ब्याज सहित अब करीब 70 करोड़ रुपये हो चुका है।
30 से अधिक नोटिस, फिर भी नहीं मिला जवाब
किसानों का भुगतान कराने के लिए जिला प्रशासन, गन्ना विभाग और अन्य अधिकारियों की ओर से मिल प्रबंधन को 30 से अधिक नोटिस जारी किए गए, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इतना ही नहीं, 2 सितंबर 2025 को हाफिजगंज थाने में मिल के प्रबंध निदेशक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
8900 क्विंटल चीनी की हो चुकी है नीलामी
बकाया वसूली के लिए प्रशासन ने पहले मिल के गोदाम में रखी 8900 क्विंटल चीनी को कुर्क किया था। बाद में इसकी 3.39 करोड़ रुपये में नीलामी कर किसानों के भुगतान के लिए धनराशि जुटाई गई। इसके बावजूद बड़ी रकम बकाया रहने के कारण अब पूरी मिल की नीलामी की तैयारी की जा रही है।
मूल्यांकन के बाद अगली कार्रवाई
30 मई को डीएम अविनाश सिंह ने मिल की बकायेदारी को लेकर समीक्षा बैठक की थी, लेकिन मिल प्रबंधन का कोई प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुआ। जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी ने बताया कि किसानों का ब्याज सहित लगभग 70 करोड़ रुपये बकाया है। मिल के मूल्यांकन के लिए राष्ट्रीय शर्करा संस्थान की टीम को बुलाया गया है। मूल्यांकन रिपोर्ट मिलने के बाद नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।प्रशासन की इस कार्रवाई से हजारों किसानों को अपने लंबे समय से अटके भुगतान मिलने की उम्मीद जगी है। ओसवाल चीनी मिल की नीलामी जिले में किसानों के बकाया भुगतान से जुड़ी सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
