छात्रों ने देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता पर रखे विचार, स्वतंत्रता संग्राम में मदरसों व उलमा के योगदान पर चर्चा
बरेली : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को दरगाह आला हजरत के मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम में आजादी का जश्न उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर कौमी तराना गाया।मदरसे के प्रधानाचार्य मुफ्ती मोहम्मद आकिल रजवी ने तिरंगा फहराया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम सुबह 8 बजे से 11 बजे तक चला।
300 से अधिक छात्रों ने लिया तकरीरी प्रतियोगिता में हिस्सा
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान “भारत का स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्य: एकता, शांति एवं राष्ट्रीय एकीकरण” विषय पर छात्रों की तकरीरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। मदरसा प्रबंधन के अनुसार प्रतियोगिता में 300 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। इसके बाद “स्वतंत्रता की भावना, देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता” विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें करीब 400 से 500 छात्र,।शिक्षक और स्थानीय लोग शामिल हुए।
राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश

मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम के वरिष्ठ शिक्षक मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी बरेलवी ने “इस्लामी शिक्षाओं की रोशनी में देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता” विषय पर संबोधित किया। उन्होंने देशप्रेम, कानून के प्रति सम्मान, सामाजिक सेवा, शांति, भाईचारे और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सम्मान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने छात्रों से जिम्मेदार, अनुशासित और नैतिक नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल जश्न मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश की एकता, तरक्की और आपसी सौहार्द के लिए अपने योगदान का संकल्प लेने का दिन भी है।
शिक्षा और चरित्र निर्माण पर जोर
वरिष्ठ शिक्षक मुफ्ती अख्तर बरेलवी ने “शिक्षा, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण में छात्रों की जिम्मेदारी” विषय पर विचार रखे। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के साथ अच्छे चरित्र और जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
मास्टर कमाल ने “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम एवं विकसित
भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर संबोधित किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख करते हुए युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। मदरसे के उप प्रधानाचार्य डॉ. एजाज अंजुम ने भारत की आजादी में मदरसों और उलमा के योगदान पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देश की आजादी के लिए किए गए संघर्ष और बलिदानों का उल्लेख किया। वहीं मुफ्ती जमील अहमद ने “संवैधानिक मूल्य, सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्य” विषय पर संबोधित किया। उन्होंने सामाजिक सद्भाव, संविधान के मूल्यों और नागरिक जिम्मेदारियों को महत्वपूर्ण बताया।
विजेता छात्रों को दिए गए पुरस्कार
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य मुफ्ती मोहम्मद आकिल रजवी ने विजेता छात्रों को पुस्तक, पेन, डायरी सहित अन्य पुरस्कार प्रदान किए। मदरसा प्रशासन के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों में खासा उत्साह रहा और स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति, शांति तथा आपसी भाईचारे के संदेश के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुफ्ती अय्यूब खान नूरी, मुफ्ती सय्यद कफील हाशमी, मुफ्ती मोइन बरकाती, मुफ्ती सय्यद शाकिर अली, मुफ्ती कलीम, मुफ्ती मुजीब, सय्यद अनवारुल सादात और मोइन खान सहित मदरसे के शिक्षक मौजूद रहे।
देशप्रेम का संदेश
मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराने के साथ छात्रों को देश के प्रति जिम्मेदारियों, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव, शांति और भाईचारे का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में देशप्रेम और जिम्मेदार नागरिक होने की भावना को मजबूत करना रहा।
