बरेली : यूपी के बरेली देहात के फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में सावन में कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बावजूद भोलापुर रामगंगा घाट जाने वाले मार्ग की बदहाली के वीडियो और फोटो सामने आये हैं। रास्ते में कीचड़ और दलदल होने के कारण कांवड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। थाना क्षेत्र के गांव चितौली निवासी नंदकिशोर और प्रियांशु ने दंडवत यात्रा शुरू की, तो करीब दो किलोमीटर तक उन्हें घुटनों तक कीचड़ और दलदल से होकर गुजरना पड़ा। बताया गया कि दोनों श्रद्धालु भोलापुर रामगंगा घाट से करीब सात किलोमीटर की दंडवत यात्रा कर क्षेत्र के कांवड़िया मंदिर पहुंचकर सावन के अंतिम सोमवार को जलाभिषेक करेंगे।
दंडवत यात्रा में आस्था की परीक्षा

यात्रा के शुरुआती करीब दो किलोमीटर रास्ते की हालत इतनी खराब थी कि उन्हें आगे बढ़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी कीचड़ में कपड़े तक सन गए।नंदकिशोर और प्रियांशु ने आस्था के साथ दंडवत यात्रा शुरू की, लेकिन खराब रास्ते ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं। जगह-जगह पानी, कीचड़ और दलदल के कारण उन्हें संभल-संभलकर आगे बढ़ना पड़ा। श्रद्धालुओं का कहना है कि कांवड़ यात्रा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन से पहले मार्ग को दुरुस्त कराया जाना चाहिए था।
सीएम के निर्देश के बाद भी नहीं सुधरे हालात
सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री स्तर से मार्गों की साफ-सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए गए थे। स्थानीय स्तर पर पीस कमेटी की बैठकें कर संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई थी। इसके बावजूद भोलापुर घाट मार्ग की जमीनी तस्वीर इन दावों से अलग नजर आ रही है। भोलापुर रामगंगा घाट पहले भी धार्मिक पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही का केंद्र रहा है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार यहां माघ पूर्णिमा और अन्य पर्वों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते रहे हैं।
व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, लोगों में नाराजगी

कांवड़ यात्रा के दौरान मार्ग की बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है।लोगों का सवाल है कि जब कांवड़ यात्रा प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और अधिकारियों को पहले से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, तो भोलापुर घाट जैसे महत्वपूर्ण मार्ग की हालत समय रहते क्यों नहीं सुधारी गई।
जल्द खत्म कराई जाए दलदल
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कांवड़ियों की आवाजाही को देखते हुए मार्ग पर तत्काल मिट्टी, गिट्टी या अन्य उपयुक्त सामग्री डालकर दलदल को खत्म कराया जाए और यात्रा पूरी होने तक रास्ते की नियमित निगरानी की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। फिलहाल नंदकिशोर और प्रियांशु की दंडवत यात्रा ने भोलापुर घाट मार्ग की बदहाल व्यवस्था को सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का संज्ञान लेकर मार्ग को कब तक सुगम बनाता है।
