बरेली: आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कांवड़ शिविरों पर रहेगी कड़ी निगरानी, CCTV और पहचान पत्र होंगे अनिवार्य
डीआईजी ने निर्देश दिए कि सभी कांवड़ शिविर प्रशासन की अनुमति से ही लगाए जाएंगे और उन्हें मुख्य सड़क से पर्याप्त दूरी पर स्थापित किया जाएगा। शिविरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा वहां ड्यूटी करने वाले सभी सेवादारों और कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा। महिला श्रद्धालुओं के लिए शौचालय और विश्राम कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही आग से बचाव के लिए टीन शेड और फायर एक्सटिंग्विशर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
कांवड़ मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल, ड्रोन और कैमरों से होगी निगरानी
पूरे कांवड़ मार्ग को सुपर जोन, जोन, सेक्टर और सब-सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। पुलिस की पैदल और बाइक गश्त लगातार जारी रहेगी, जबकि रिजर्व फोर्स को भी संवेदनशील स्थानों के आसपास तैनात रखा जाएगा। धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और झांकियां देखने के लिए जुटने वाली महिलाओं व बच्चों के स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कांवड़ मार्ग पर लगाए जाने वाले सीसीटीवी और आईपी कैमरों की निगरानी सीधे बरेली परिक्षेत्र कार्यालय की कांवड़ सेल द्वारा की जाएगी।
यातायात व्यवस्था और रूट डायवर्जन पर रहेगा विशेष फोकस
कांवड़ यात्रा के दौरान बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के बीच संयुक्त रूट डायवर्जन योजना लागू की जाएगी। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों जैसे दवा, दूध, अखबार, राशन और पशु चारा ले जाने वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग और समय निर्धारित किया जाएगा। जहां सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, वहां वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएंगे। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और लगातार पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को यातायात संबंधी जानकारी दी जाती रहे।
घाटों और मंदिरों में विशेष इंतजाम, चिकित्सा सेवाएं भी रहेंगी मुस्तैद
कांवड़ यात्रा के दौरान कछला घाट, अटैना घाट, भुण्डी घाट, धनौरा घाट, ढाई घाट, हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर जैसे प्रमुख जलभराव स्थलों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। यहां एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी, नाव, लाइफ जैकेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी। वहीं प्रमुख शिवालयों और बरेली के सात नाथ मंदिरों सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और लाइन प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा कांवड़ मार्ग के आसपास अस्पतालों में बेड आरक्षित रखने, मोटर बाइक एंबुलेंस तैनात करने और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही पुलिस ने लोगों से शांति, सौहार्द और नियमों का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
