बरेली/शाहजहांपुर: सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगना एक लेखपाल को भारी पड़ गया। खेत की तूदाबंदी(खेत की मेड़ और सीमा तय करना) कराने के नाम पर 10 हजार रुपये की मांग करने वाले राजस्व लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। शिकायत मिलने के बाद टीम ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, उसे मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में भी हड़कंप मच गया।
खेत की तूदाबंदी के बदले मांगी गई थी रिश्वत
मामला शाहजहांपुर जिले का है, जहां मोहल्ला बाबूजई निवासी शाकिर अली ने शिकायत की थी कि उनकी माता दिलशाद बानो के खेत की तूदाबंदी कराने के एवज में तहसील सदर में तैनात राजस्व लेखपाल योगेश कुमार तिवारी 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की रणनीति तैयार की।
रिश्वत की रकम हाथ में आते ही टीम ने दबोचा
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। बुधवार दोपहर करीब 12:37 बजे नए बाईपास फ्लाईओवर के नीचे आरोपी लेखपाल योगेश कुमार तिवारी को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। आरोपी मूल रूप से दिल्ली के गोकुलपुरी क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में शाहजहांपुर की सदर तहसील में राजस्व लेखपाल के पद पर तैनात है।
अब भ्रष्टाचार के मामले में होगी कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार लेखपाल के खिलाफ थाना कटरा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। एंटी करप्शन टीम ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत एंटी करप्शन टीम से करें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
