3 सुपर जोन, 273 CCTV, 48 पुलिस सहायता केंद्र और 21 एंबुलेंस के साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 24 अगस्त तक चार चरणों में लागू रहेगा रोडवेज बसों का डायवर्जन
बरेली : सावन माह और कांवड़ यात्रा को लेकर बरेली जिला पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। इस बार जिले के विभिन्न शिवालयों में 15 लाख से अधिक शिवभक्तों के जलाभिषेक करने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़, कांवड़ियों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस -प्रशासन और रोडवेज ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही 31 जुलाई से 24 अगस्त तक रोडवेज बसों के संचालन में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए पूरे जिले को 3 सुपर जोन, 9 जोन, 28 सेक्टर और 104 सब सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती रहेगी और लगातार निगरानी की जाएगी।
273 CCTV कैमरों से निगरानी, 48 पुलिस सहायता केंद्र सक्रिय
कांवड़ यात्रा मार्गों पर 48 पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। संवेदनशील स्थानों पर 273 सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी होगी।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 33 चिकित्सा सहायता शिविर, 21 एंबुलेंस और कांवड़ मार्गों पर 22 अस्पतालों को चिन्हित किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
10 पुलिस पोस्ट, 499 शिव मंदिर, 7 प्रमुख नाथ मंदिरों पर विशेष सुरक्षा
प्रशासन ने जिले की सीमाओं पर 10 अस्थायी पुलिस पोस्ट स्थापित की हैं। जिले के 499 शिव मंदिरों में सावन के दौरान जलाभिषेक होगा, जबकि शहर के सात प्रमुख नाथ मंदिरों पर सबसे अधिक भीड़ रहने की संभावना है। इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार इस बार 3727 जत्थे कछला गंगा घाट, 570 जत्थे हरिद्वार, 41 जत्थे मुक्तेश्वर और 19 जत्थे अन्य स्थानों से जल लेकर बरेली पहुंचेंगे। इसके अलावा जिले में 8 स्थानों पर मेले और 75 स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी होगा, जिनके लिए अलग सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू रहेगी।
एसपी सिटी ने त्रिवटीनाथ मंदिर का किया निरीक्षण
कांवड़ यात्रा की तैयारियों के तहत एसपी सिटी मानुष पारीक ने त्रिवटीनाथ मंदिर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने प्रवेश और निकास मार्ग, बैरिकेडिंग,पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी,भीड़ नियंत्रण और पुलिस ड्यूटी प्वाइंट का निरीक्षण किया तथा मंदिर समिति के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
31 जुलाई से बदलेगा रोडवेज बसों का रूट
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने बरेली परिक्षेत्र की बसों का विस्तृत डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। 31 जुलाई से 24 अगस्त 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार रात 12 बजे से सोमवार रात 12 बजे तक दिल्ली, आगरा, बदायूं, अलीगढ़, मथुरा और कासगंज रूट की रोडवेज बसें वैकल्पिक मार्गों से संचालित होंगी। इससे यात्रियों की दूरी और यात्रा का समय बढ़ सकता है। हालांकि, फिलहाल किराए में बढ़ोतरी का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
इन मार्गों से संचालित होंगी बसें
दिल्ली जाने वाली बसों को सैटेलाइट, रजऊ परसपुर तिराहा और बड़ा बाईपास होकर भेजा जाएगा। आगरा रूट की बसें रामपुर, शाहबाद, बिलारी, बबराला, नरौरा और अलीगढ़ के रास्ते जाएंगी। बदायूं रूट की बसों का संचालन फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी, दातागंज, पापड़, हमजापुर और मूसाझाग मार्ग से होगा। वहीं लखनऊ से दिल्ली जाने वाली बसों को शाहजहांपुर के जलालाबाद से गंगा एक्सप्रेसवे होते हुए मुरादाबाद की ओर भेजा जाएगा। डायवर्जन अवधि में चौकी चौराहा, चौपुला, सिटी स्टेशन, सिविल लाइंस, लाल फाटक और बुखारा रोड से रोडवेज बसों का संचालन नहीं होगा।
पुराने बस अड्डे पर बनेगा कंट्रोल रूम
कांवड़ यात्रा के दौरान पुराने रोडवेज बस अड्डे पर क्षेत्रीय स्तर का कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा। यहां तीन पालियों में कर्मचारियों की तैनाती रहेगी, जो चारों डिपो की बसों की निगरानी और संचालन पर नजर रखेंगे।
चार चरणों में लागू रहेगा डायवर्जन
रोडवेज प्रशासन के अनुसार डायवर्जन व्यवस्था 31 जुलाई से 3 अगस्त, 7 से 11 अगस्त, 14 से 17 अगस्त तथा 21 अगस्त से 24 अगस्त तक चार चरणों में लागू रहेगी। एआरएम (फाइनेंस) राम अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि डायवर्जन योजना पूरी तरह तैयार है। मुख्यालय से कोई नया आदेश मिलने पर ही किराए में संशोधन किया जाएगा।
यात्रियों से की अपील
फिलहाल यात्रियों से अपील की गई है कि बदले हुए मार्ग और अतिरिक्त यात्रा समय को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। पुलिस-प्रशासन और रोडवेज का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि सावन और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
