तेज बारिश के बाद गड्ढे में भर गया था करीब पांच फीट पानी, खेलते-खेलते पहुंचे थे दोनों बच्चे, गांव में गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक
बरेली/जयपुर: यूपी के बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के लाड़पुर उस्मानपुर गांव निवासी राजमिस्त्री के परिवार पर राजस्थान के जयपुर में ऐसा दुख टूटा कि पूरा गांव गमगीन हो गया। जयपुर में एक निर्माणाधीन मकान के पास बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से राजमिस्त्री लियाकत हुसैन के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई।मृतकों की पहचान आलिया (9 वर्ष) और मुहम्मद अयान (5 वर्ष) के रूप में हुई है। शुक्रवार को दोनों बच्चों के जनाजे पैतृक गांव पहुंचे। यहां सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
बारिश के बाद गड्ढे में भर गया था पानी
लियाकत हुसैन पेशे से राजमिस्त्री हैं,और काम के सिलसिले में राजस्थान के जयपुर में रह रहे थे। वह अपनी पत्नी रजिया और बच्चों आलिया व मुहम्मद अयान को भी अपने साथ जयपुर ले गए थे। बताया गया कि लियाकत जयपुर के जयसिंहपुरा खोर थाना क्षेत्र के मानपुर सड़वा इलाके में काम कर रहे थे। इसी क्षेत्र की रसीद विहार कॉलोनी में एक मकान के निर्माण के लिए गहरा गड्ढा खोदा गया था। बुधवार को हुई तेज बारिश के बाद इस गड्ढे में करीब पांच फीट तक पानी भर गया था।
खेलते-खेलते गड्ढे तक पहुंच गए मासूम
गुरुवार को दोनों बच्चे खेलते हुए इसी पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंच गए। हादसे के दौरान उनके माता-पिता को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। कुछ समय बाद जब दोनों बच्चे दिखाई नहीं दिए तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान दोनों बच्चे पानी से भरे गड्ढे में मिले। परिजन आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
एक साथ उठे भाई बहन के जनाजे, गांव में पसरा मातम
दोनों बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां रजिया और पिता लियाकत हुसैन का रो-रोकर बुरा हाल है। शुक्रवार को दोनों बच्चों के जनाजे पैतृक गांव लाड़पुर उस्मानपुर पहुंचे तो बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।।गमगीन माहौल में दोनों मासूमों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बताया गया है कि परिवार पहले भी एक बच्चे को खो चुका है। ऐसे में एक साथ दो बच्चों की मौत ने परिवार के दुख को और गहरा कर दिया है।
स्कूल में पढ़ते थे दोनों बच्चे
आलिया जयपुर के एक निजी स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ती थीं, जबकि मुहम्मद अयान कक्षा एक के छात्र थे। दोनों बच्चों की मौत से परिवार के साथ-साथ गांव में भी शोक की लहर है।
