फजलगंज पुलिस ने तीन साइबर ठगों को किया गिरफ्तार, फर्जी बैंक खातों और भुगतान खातों के जरिए ठगी की रकम घुमाने का आरोप; हवाला और क्रिप्टो के जरिए दुबई भेजी जाती थी रकम
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में फजलगंज थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क का संचालन दुबई में बैठे सुल्तान मिर्जा के इशारे पर किया जा रहा था। शुरुआती जांच में गिरोह से 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के तार जुड़े होने की बात सामने आई है।
लोन का लालच देकर खुलवाते थे फर्जी खाते
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को लोन या पैसे दिलाने का लालच देते थे। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी बचत खाते, चालू खाते और एयरटेल के व्यापारी भुगतान खाते खुलवाए जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फतेहपुर निवासी कपिल वर्मा उर्फ सेंटी, अभय प्रताप सिंह और कानपुर नगर निवासी रोहित सिंह उर्फ रुद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है।
हर महीने खुलवाते थे हजारों खाते
जांच में सामने आया है कि गिरोह हर महीने करीब 15 हजार नए खाते खुलवाता था। प्रत्येक खाता खुलवाने के बदले आरोपियों को 40 हजार से 80 हजार रुपये तक मिलते थे। पुलिस के मुताबिक एक पहचान पत्र पर तीन व्यापारी भुगतान खाते उपलब्ध कराए जाते थे। प्रत्येक खाते में करीब एक-एक लाख रुपये के लेनदेन के जरिए ठगी की रकम को तेजी से घुमाया जाता था। पुलिस का दावा है कि महज 10 दिन के भीतर एक पहचान से जुड़े खातों के जरिए करीब 30 लाख रुपये तक का संदिग्ध लेनदेन किया जाता था।
हवाला और क्रिप्टो के जरिए दुबई भेजी जाती थी रकम
ठगी से हासिल रकम को यूपीआई और क्यूआर कोड के जरिए निकाला या इस्तेमाल किया जाता था। गिरोह को मिलने वाले अवैध कमीशन का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा आरोपियों के पास रहता था, जबकि बाकी रकम हवाला और क्रिप्टो मुद्रा के जरिए दुबई भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक इस साइबर नेटवर्क के तार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, लखनऊ और दुबई तक फैले हुए हैं।
तीन आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी से जुड़े कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया है। बरामदगी में शामिल हैं—
- 3 लैपटॉप
- 11 मोबाइल फोन
- 4 पीओएस मशीन
- 89 एटीएम और क्रेडिट कार्ड
- कुल 37 सिम कार्ड
- 15 चेक बुक
- 18 पासबुक
- 4 हिसाब-किताब रजिस्टर
- 2 आधार कार्ड की छायाप्रति
- 4 रबर मोहर
- 1 इंक पैड और 1 पेन
- 1 नकली रबर कार
- यूपीआई क्यूआर कोड
- निजी फर्मों के आवेदन पत्र
- 1300 रुपये नकद
दुबई में बैठे सरगना समेत कई आरोपियों की तलाश
पुलिस अब दुबई में बैठे कथित सरगना सुल्तान मिर्जा के अलावा केपी, अमित सिंह, आशीष और अन्य संदिग्ध साथियों की तलाश कर रही है। पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क में कुछ बैंक अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी है। इस पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। जांच में किसी बैंक अधिकारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फजलगंज पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसियां गिरोह के बैंक खातों, लेनदेन, हवाला नेटवर्क और दुबई कनेक्शन की पड़ताल में जुटी हैं। इससे साइबर ठगी के इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की उम्मीद है।
