पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता के प्रयासों को मिली मान्यता, ‘स्वच्छता से समृद्धि’ अभियान में कबाड़ से उपयोगी वस्तुएं बनाने का संदेश, 42 पेयजल नमूनों की अवशिष्ट क्लोरीन जांच में सभी मानकों के अनुरूप
बरेली : पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के इज्जतनगर मंडल ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के क्षेत्र में अपनी विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाया है। मंडल के ट्रेन सेट डिपो, सीबी गंज, बरेली को पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘ग्रीनको सिल्वर प्रमाणन’ प्रदान किया गया है। यह प्रमाणन सोहराबजी गोदरेज ग्रीन बिजनेस सेंटर की ओर से प्रदान किया गया है और इसकी वैधता 28 सितंबर 2026 से 27 सितंबर 2029 तक रहेगी।
ट्रेन सेट डिपो को पर्यावरणीय प्रयासों के लिए प्रमाणन

इज्जतनगर मंडल की मंडल रेल प्रबंधक सुश्री वीणा सिन्हा ने कहा कि ‘ग्रीनको सिल्वर प्रमाणन’ मंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा एवं जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधनों के दक्ष उपयोग के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।मंडल रेल प्रबंधक वीणा सिन्हा और अपर मंडल रेल प्रबंधक मनोज कुमार ने इस उपलब्धि पर ट्रेन सेट डिपो के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में आगे भी इसी तरह कार्य जारी रखने का आह्वान किया।
‘कबाड़ से जुगाड़’ के जरिए स्वच्छता का संदेश

इसी क्रम में रेलवे बोर्ड और पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय के निर्देश पर इज्जतनगर मंडल में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत ‘स्वच्छता से समृद्धि अभियान’ चलाया गया। इसके अंतर्गत ‘कबाड़ से जुगाड़/कबाड़ से कला’ विषय पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान में अनुपयोगी रेल स्क्रैप को अलग कर उसके पुनः उपयोग के प्रति रेल कर्मचारियों को जागरूक किया गया। मंडल के लोको शेड, ट्रेन सेट और यांत्रिक कारखाना इज्जतनगर, समाडि डिपो/काठगोदाम, टनकपुर, कासगंज और रामनगर में पुराने उपकरण, कोच के बेकार पुर्जे, लोहे के टुकड़े और अन्य धातु स्क्रैप को पृथक किया गया। रेल कर्मचारियों को संदेश दिया गया कि अनुपयोगी सामग्री को व्यवस्थित तरीके से अलग कर उपयोगी वस्तुओं के निर्माण और पुनः उपयोग में लाया जा सकता है। इसके जरिए स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
पेयजल गुणवत्ता जांच में सभी 42 नमूने मानकों के अनुरूप

इज्जतनगर मंडल ने यात्रियों और रेलकर्मियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पेयजल की नियमित जांच भी जारी रखी है। 29 सितंबर को मंडल में 42 अवशिष्ट क्लोरीन (Residual Chlorine) परीक्षण किए गए। रेलवे के अनुसार जांच में सभी नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप फिट पाए गए। इसके अलावा बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के लिए 9 जल नमूने भी लिए गए हैं। रेलवे प्रशासन के मुताबिक स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों और इंजीनियरिंग विभाग की टीमों द्वारा नियमित अंतराल पर पानी के नमूने लिए जाते हैं।
पानी की टंकियों और वाटर कूलर की सफाई पर जोर
पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए पानी की टंकियों, वाटर कूलर, वाटर टैप, वाटर फिल्टर, पाइप लाइनों और पेयजल वितरण बिंदुओं की नियमित सफाई एवं रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे स्टेशनों और ट्रेनों में स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
पर्यावरण से पेयजल तक, इज्जतनगर मंडल की तीन प्रमुख पहल

इज्जतनगर मंडल की ओर से 29 सितंबर को जारी इन गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण, स्क्रैप के पुनः उपयोग, स्वच्छता और पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिखाई देता है। ट्रेन सेट डिपो को मिला ‘ग्रीनको सिल्वर प्रमाणन’ जहां पर्यावरणीय प्रयासों को मिली मान्यता को दर्शाता है, वहीं ‘कबाड़ से जुगाड़’ अभियान और पेयजल जांच अभियान स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल व्यवस्था पर रेलवे के फोकस को सामने रखते हैं।

