खतौनी के बिना खाद बिक्री और वितरण में गड़बड़ी मिलने पर कृषि विभाग ने की कार्रवाई, तहसील से न्याय पंचायत स्तर तक निगरानी समितियां गठित
बरेली : यूपी के बरेली में किसानों को खाद उपलब्ध कराने के नाम पर मनमानी और अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। खाद की बिक्री में गड़बड़ी, बिना खतौनी खाद बेचने और वितरण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने के मामलों में विभाग ने बड़ी कार्रवाई कर 14 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं, जबकि 29 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। विभाग की इस कार्रवाई से खाद बिक्री में अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है। किसानों को निर्धारित नियमों के तहत खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग लगातार छापेमारी और निरीक्षण अभियान चला रहा है। इस दौरान खाद बिक्री केंद्रों पर पहुंचकर दस्तावेजों, बिक्री प्रक्रिया और वितरण व्यवस्था की जांच की जा रही है। जांच में जहां भी अनियमितता सामने आ रही है, वहां संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
तहसील से न्याय पंचायत तक निगरानी, सचल दल सक्रिय
खाद की कालाबाजारी, अवैध बिक्री और वितरण में मनमानी रोकने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। इसके तहत तहसील, ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर सचल दल और निगरानी समितियों का गठन किया गया है। प्रत्येक न्याय पंचायत में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो खाद बिक्री केंद्रों पर पहुंचकर वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों को भी नियमित रूप से खाद बिक्री केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही किसानों से मिलने वाली शिकायतों की तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद की बिक्री पारदर्शी तरीके से हो और वास्तविक किसानों को समय पर उनकी जरूरत के मुताबिक खाद मिल सके।
16 सहकारी समितियों को पहुंचीं डीएपी की 5600 बोरियां
खाद की उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग का कहना है कि जिले में किसानों की जरूरत के अनुसार पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसी क्रम में शनिवार को निजी कंपनी की रैक से डीएपी की 5600 बोरियां जिले की 16 सहकारी समितियों तक पहुंचाई गईं। इससे किसानों को डीएपी उपलब्ध कराने में राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग ने संबंधित सहकारी समितियों को निर्देश दिए हैं कि खाद का वितरण निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार किया जाए। वितरण के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने पर भी जोर दिया गया है।
प्रतिदिन 300 से 400 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति
यूरिया की मांग को पूरा करने के लिए भी विभाग की ओर से आपूर्ति व्यवस्था जारी रखी गई है। इफको प्लांट से प्रतिदिन 300 से 400 मीट्रिक टन यूरिया सीधे सहकारी समितियों को भेजी जा रही है। इसके अलावा सहकारी समितियों, गन्ना समितियों,इफको और निजी खाद बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद की उपलब्धता से लेकर उसके वितरण तक लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। खास तौर पर यह सुनिश्चित करने पर जोर है कि किसानों को खाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिले और किसी भी स्तर पर अनियमितता या मनमानी न होने पाए।
विक्रेताओं को सख्त चेतावनी, किसानों को राहत देने की कोशिश
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद बिक्री में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। लाइसेंस निरस्त और निलंबित करने की कार्रवाई के साथ ही निरीक्षण और निगरानी अभियान भी लगातार चलाया जाएगा। अब देखने वाली बात होगी कि निगरानी समितियों और सचल दलों की सक्रियता से खाद वितरण व्यवस्था कितनी पारदर्शी बनती है और किसानों को खाद लेने के लिए होने वाली परेशानियों से कितनी राहत मिलती है।
