गाजियाबाद: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम रविवार को गाजियाबाद स्थित विशेष प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान जब संवाददाताओं ने आजम खान से पूछा कि क्या वह आज कुछ बोलेंगे, तो उन्होंने निराशा भरे अंदाज में कहा, ‘क्या है बोलने के लिए।’ पेशी के दौरान सपा के कई नेता भी कोर्ट परिसर के बाहर पहुंचे।
जमानत के बाद जेल से निकलते ही ईडी ने लिया हिरासत में
दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा हुए थे। हालांकि, जेल से बाहर आते ही ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद रविवार को उन्हें गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया। यह मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े जौहर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन की जांच से जुड़ा है। ईडी विश्वविद्यालय की करोड़ों रुपये की संपत्ति पहले ही कुर्क कर चुकी है। अब एजेंसी पूछताछ के लिए अदालत से आजम खान की हिरासत मांग रही है।
अखिलेश यादव ने गिरफ्तारी का किया विरोध
आजम खान को ईडी की हिरासत में लिए जाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विरोध जताया है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। वहीं, कोर्ट परिसर के बाहर सपा नेताओं की मौजूदगी भी चर्चा में रही।
डासना जेल भेजे जाने की संभावना
फिलहाल गाजियाबाद की पीएमएलए अदालत में ईडी की रिमांड अर्जी पर सुनवाई हो रही है। एजेंसी ने आजम खान की कस्टडी मांगी है। सुनवाई के बाद अदालत के फैसले के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की स्थिति में डासना जेल भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है।
