दूसरे चरण में होगी जनसंख्या गणना, फील्ड ट्रेनर्स आगे सुपरवाइजर और प्रगणकों को देंगे प्रशिक्षण, डीएम ने कहा- राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बरेली : भारत की जनगणना -2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना को लेकर बरेली में तैयारियां शुरू हो गई हैं।बुधवार को रवीन्द्रनाथ टैगोर इंटर कॉलेज, कैंट में 174 फील्ड ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम अविनाश सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में फील्ड ट्रेनर्स को जनसंख्या गणना की कार्यप्रणाली, निर्धारित प्रक्रियाओं और आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य को व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराना है।
174 फील्ड ट्रेनर्स को दिया जा रहा प्रशिक्षण
जनगणना से जुड़े मास्टर ट्रेनर्स की ओर से कुल 174 फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद यही फील्ड ट्रेनर्स जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले सुपरवाइजरों और प्रगणकों को द्वितीय चरण का प्रशिक्षण देंगे। फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में 7, 8 और 9 अक्टूबर 2026 को प्रशिक्षण होगा, जबकि दूसरे चरण का प्रशिक्षण 13, 14 और 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
प्रत्येक व्यक्ति से पूछे जाएंगे 40 प्रश्न
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से निर्धारित 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। व्यक्ति की ओर से दिए गए उत्तरों को ही दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति से किसी दस्तावेज या अभिलेख की प्रति नहीं मांगी जाएगी।
डीएम ने प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के दिए निर्देश
डीएम ने सभी फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य की गुणवत्ता और शुद्धता के लिए प्रशिक्षण को अच्छी तरह समझना जरूरी है।
डीएम ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।सभी कार्मिकों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना होगा।
ड्यूटी से मुक्त होने को अनावश्यक प्रयास न करें
डीएम ने जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले कार्मिकों को यह भी निर्देश दिया कि वे ड्यूटी से मुक्त किए जाने के लिए अनावश्यक रूप से प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में ड्यूटी से मुक्त करने की प्रक्रिया नियमानुसार गठित समिति और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह समेत जनगणना से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
