बदायूं के आवासीय बालिका विद्यालय में खाना खाने के बाद 7 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, 2 जिला अस्पताल रेफर
समरेर के जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय बालिका विद्यालय का मामला, पांच छात्राओं को परिजन निजी अस्पताल ले गए; प्रशासन ने शुरू कराई जांच
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के समरेर स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को दोपहर का भोजन करने के बाद सात छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। छात्राओं की हालत खराब होने के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो छात्राओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
खाना खाने के बाद छात्राओं की बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर विद्यालय में भोजन करने के बाद कुछ छात्राओं ने तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में सात छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अचानक कई छात्राओं के बीमार पड़ने से विद्यालय में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्राओं के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।
दो छात्राओं को जिला अस्पताल भेजा गया
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने छात्राओं का प्राथमिक उपचार किया। उपचार के दौरान पांच छात्राओं को उनके परिजन अपने साथ ले गए। परिजनों का कहना था कि वे उन्हें निजी अस्पताल में दिखाएंगे। वहीं, 12वीं कक्षा की छात्रा प्रिया और आठवीं कक्षा की छात्रा राधिका की हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
डॉक्टरों ने गर्मी की जताई आशंका
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों के अनुसार, प्रथम दृष्टया छात्राओं की तबीयत गर्मी के कारण बिगड़ने की आशंका है। हालांकि, भोजन की गुणवत्ता या किसी अन्य वजह से छात्राएं बीमार हुई हैं या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन की ओर से मामले की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच कराई जा रही है।
स्कूल प्रशासन के बयान पर उठे सवाल
घटना के बाद विद्यालय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानाचार्य ने केवल तीन छात्राओं की तबीयत खराब होने की बात कही, जबकि अस्पताल के अभिलेख में सात छात्राओं के भर्ती होने की जानकारी दर्ज है। इसी विरोधाभास के बाद स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
एसडीएम ने भेजी जांच टीम
मामले की जानकारी मिलने के बाद उपजिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने नायब तहसीलदार को विद्यालय भेजकर पूरे मामले की जांच कराई। जिलाधिकारी ने भी प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही मिलती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों ने लगाए लापरवाही के आरोप
छात्राओं के अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि छात्राओं के बीमार होने की यह पहली घटना नहीं है। कई बार छात्राओं की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा है। अभिभावकों ने विद्यालय में भोजन और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।
समय पर भोजन नहीं मिलने का आरोप
अभिभावकों का आरोप है कि छात्राओं को कई बार समय पर भोजन नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि दोपहर का खाना भी कई बार तीन बजे के बाद परोसा जाता है। अब प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट होगा कि छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या थी और विद्यालय की व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही हुई है या नहीं।
