पॉक्सो कोर्ट का सख्त फैसला, एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया; 2024 में मेले से लौटते समय हुई थी वारदात
बदायूं: बदायूं की पॉक्सो एक्ट कक्ष प्रथम की न्यायाधीश अनीता प्रथम ने दलित नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषी अपने जीवन के अंतिम समय तक जेल में रहेगा। इसके साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 24 अक्टूबर 2024 की रात कादरचौक थाना क्षेत्र में पीड़िता अपनी मां और बहन के साथ गांव में लगा मेला देखने गई थी। रात करीब साढ़े 11 बजे 12 वर्षीय पीड़िता अकेले घर पहुंची और बताया कि शौच के लिए जाने के दौरान गांव निवासी राजेश उर्फ खन्ना ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
परिजनों ने बच्ची के कपड़ों पर खून देखा तो तत्काल एंबुलेंस बुलाकर उसे उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कादरचौक थाना क्षेत्र के भूड़ा भदरौल गांव निवासी राजेश उर्फ खन्ना को दोषी पाया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने आदेश दिया कि दोषी अपने जीवनकाल तक जेल में रहेगा।