रामपुर : रामपुर जिले के जिला पंचायत कार्यालय में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दिनदहाड़े एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात दोपहर करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। मृतक अधिवक्ता की पहचान 45 वर्षीय फारुख के रूप में हुई है। आरोप है कि जिला पंचायत में तैनात बाबू असगर अली ने विवाद के दौरान लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
कहासुनी से शुरू हुआ विवाद, हाथापाई के बाद चली गोली
मिली जानकारी के अनुसार नगर कोतवाली नालापार निवासी अधिवक्ता फारुख की पत्नी गौसिया जिला पंचायत कार्यालय में क्लर्क के पद पर तैनात हैं। वहीं, थाना पटवई क्षेत्र के मिलक तहव्वर गांव निवासी असगर अली भी इसी कार्यालय में बाबू के पद पर कार्यरत है। बुधवार दोपहर करीब एक बजे किसी बात को लेकर गौसिया और असगर अली के बीच तीखी कहासुनी हो गई थी। बताया जाता है कि विवाद इतना बढ़ गया कि गौसिया ने अपने पति फारुख को फोन कर कार्यालय बुला लिया। फारुख जैसे ही जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे, वे सीधे असगर अली के केबिन में गए। वहां दोनों के बीच पहले बहस हुई और फिर देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान गोली चल गई, जिससे फारुख गंभीर रूप से घायल हो गए।
भतीजे का आरोप: बाबू ने मारी गोली, फिर खुद को किया घायल
मृतक अधिवक्ता के भतीजे कामरान खान ने आरोप लगाया है कि असगर अली ने ही उनके चाचा को गोली मारी। कामरान के मुताबिक, “चाची ने चाचा को विवाद की जानकारी देकर ऑफिस बुलाया था। वहां बाबू असगर अली से उनकी नोकझोंक हुई और उसी दौरान उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से चाचा को गोली मार दी।” कामरान ने यह भी आरोप लगाया कि वारदात के बाद खुद को फंसता देख असगर अली ने अपने ऊपर भी फायरिंग कर ली, ताकि घटना को अलग दिशा दी जा सके। फिलहाल आरोपी बाबू भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है और पुलिस निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
गोली लगने के बाद फारुख को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिवक्ता की मौत की खबर मिलते ही जिला कचहरी और जिला पंचायत परिसर में अफरा-तफरी मच गई। साथी अधिवक्ताओं और परिजनों में गहरा आक्रोश देखने को मिला।
जिला अस्पताल में परिजनों का हंगामा, तोड़े शीशे
अधिवक्ता की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हालात बिगड़ते देख पुलिस बल तैनात किया गया। सूचना मिलने पर एसपी विद्यासागर मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह और जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी भी जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
पुलिस जांच में जुटी, लाइसेंसी रिवॉल्वर जब्त
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपी बाबू असगर अली की लाइसेंसी रिवॉल्वर को जब्त कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गोली कितनी दूरी से चलाई गई और घटनाक्रम के दौरान कौन-कौन मौजूद था। एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी विवाद का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दिनदहाड़े सरकारी कार्यालय के भीतर हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला पंचायत जैसे संवेदनशील कार्यालय में हथियार के साथ मौजूद बाबू और गोली चलने की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी है। अधिवक्ता संघ और स्थानीय लोगों ने सरकारी दफ्तरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद खुलेगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ की तैयारी कर रही है। मृतक अधिवक्ता का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हत्या सुनियोजित थी या अचानक हुए विवाद का नतीजा। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
