बरेली : यूपी के बरेली देहात के नवाबगंज क्षेत्र के मोहम्मद आरिश अंसारी की आत्महत्या मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। आरोप है कि एक झूठे छेड़छाड़ के केस में फंसाकर आरिश को न केवल सड़क पर बुरी तरह पीटा गया, बल्कि मानसिक और आर्थिक शोषण किया गया। जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
जानें परिजनों का आरोप
बताया जाता है कि 9 जुलाई को पंचायत सचिव और कुछ स्थानीय लोगों ने आरिश को झूठे आरोप में पकड़कर सड़क पर पीटा था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बेइज्जती करने के बाद 5000 रुपये वसूले गए। थाने और CO ऑफिस के स्टाफ पर 50,000 रुपये मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया। पीड़ित परिवार चार दिन तक केस दर्ज कराने के लिए भटकता रहा।
संगठनों की आंदोलन की चेतावनी
गुरुवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी कांशीराम के प्रतिनिधियों ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग थी कि आरोपी पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित/बर्खास्त किया जाए। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और सुरक्षा दी जाए। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। सियासी नेताओं का आरोप है कि “आरिश को मारा नहीं गया, उसे सिस्टम ने मारा !”
सीओ ने कार्रवाई का दिया भरोसा
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जल्द कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है, जो भी दोषी होगा।कार्रवाई होगी।
