बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से लोगों की हालत बिगड़ी, कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप; मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। बंडा तहसील के घूघरा, जालमपुर, बराज, नौराज और गूगरा खुर्द सहित आसपास के गांवों में शराब पीने के बाद कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने की सूचना है। अलग-अलग दावों में मृतकों की संख्या 10 से 15 तक बताई जा रही है, जबकि प्रशासन की ओर से वास्तविक आंकड़े की जांच की जा रही है। कई बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जहरीली शराब से मौतों के बाद हाईवे पर चक्काजाम
घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सागर-छतरपुर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चक्काजाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन की अनदेखी के कारण अवैध शराब का कारोबार चल रहा था। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित आर्थिक सहायता नहीं मिली तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अस्पताल में भर्ती हैं कई मरीज
जहरीली शराब पीने के बाद बीमार लोगों को तत्काल बंडा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। गंभीर हालत वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए जिला अस्पताल सागर रेफर किया जा रहा है। डॉक्टरों और प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति ने शराब का सेवन किया है और उसे उल्टी, सिरदर्द, बुखार या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हो रहे हैं तो वह देरी किए बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
छह शराब दुकानें एहतियातन सील
घटना की सूचना के बाद सागर कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन ने प्रथम दृष्टया एहतियात के तौर पर क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील कर दिया है। साथ ही शराब के नमूने लेकर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी अधिकारियों ने दिए हैं।
उमंग सिंघार ने सरकार पर साधा निशाना
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि सागर में जहरीली और अवैध शराब से 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 25 से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। उन्होंने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई। उमंग सिंघार ने कहा कि शराब पीने के बाद लोगों का शरीर नीला पड़ना और कुछ ही देर में मौत हो जाना बेहद भयावह है। उन्होंने इसे सरकार की नाक के नीचे चल रहे अवैध शराब कारोबार और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर सागर भेजने, मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
जीतू पटवारी ने पूछा- किसके संरक्षण में चल रहा कारोबार?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सागर जिले के बंडा क्षेत्र के कई गांवों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से करीब 14 लोगों की मौत की सूचना मिल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जहरीली शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा है और शराब माफिया बेखौफ क्यों हैं। पटवारी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी ने लगाए गंभीर आरोप
पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अधिकृत शराब विक्रेताओं के जरिए ही जहरीली शराब खुलेआम बिकवाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह पूरा कारोबार स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर कहा कि उन्होंने संबंधित मंत्री और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस तरह की घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में शराब पीने से लोगों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मामले की विस्तृत जानकारी ली गई है। उन्होंने कहा कि आबकारी आयुक्त मौके पर पहुंच रहे हैं और घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जांच के बाद सामने आएगी मौतों की वास्तविक वजह
फिलहाल प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य और आबकारी विभाग की टीमें सक्रिय हैं। शराब के नमूनों की जांच और मृतकों से जुड़े चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतों की वास्तविक वजह क्या रही। घटना के बाद प्रभावित गांवों में तनाव और दहशत का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध शराब के सेवन की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की अपील की है।
