सहकारिता मंत्री ने कहा -चश्मा ठीक होगा तो विकास साफ दिखेगा, 26 हजार स्कूल बंद होने के दावे पर साधा निशाना, सपा सरकार की भर्ती व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
बरेली: मुरादाबाद के सर्किट हाउस परिसर में नमाज पढ़े जाने के विवाद के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने सार्वजनिक और सरकारी परिसरों में धार्मिक गतिविधियों को लेकर आपत्ति जताई है। शनिवार को बरेली के स्पर्श लॉन में लायंस क्लब की ओर से आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नमाज अदा करने के लिए मस्जिद या घर उपयुक्त स्थान है। उन्होंने कहा कि सर्किट हाउस और सरकारी गेस्ट हाउस जैसे सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की गतिविधियां उचित नहीं हैं।
मस्जिद या घर में पढ़ें नमाज
बीएल वर्मा ने मुरादाबाद के सर्किट हाउस में नमाज पढ़े जाने के मामले पर कहा कि धार्मिक गतिविधियों के लिए निर्धारित और उचित स्थान का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन मामले में नियमों के अनुसार कार्रवाई कर रहा है। यह मामला उस वीडियो के सामने आने के बाद चर्चा में आया, जिसमें सर्किट हाउस परिसर में नमाज पढ़े जाने का दावा किया गया। मामले को लेकर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई भी चर्चा में है।
शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों को बताया राष्ट्र निर्माण की नींव
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं। उनके मुताबिक एक ईमानदार और जिम्मेदार शिक्षक युवाओं को शिक्षा देने के साथ देश के बेहतर भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
26 हजार स्कूलों के मुद्दे पर अखिलेश को घेरा
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर बीएल वर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “सपा सुप्रीमो को अपना चश्मा ठीक से लगाने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि चश्मा सही होगा तो डबल इंजन सरकार का विकास साफ दिखाई देगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शिक्षक दिवस पर उत्तर प्रदेश में 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद होने का दावा किया था और ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान का जिक्र किया था। इसी बयान के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश सरकार के विकास कार्यों को गिनाते हुए सपा प्रमुख पर निशाना साधा।
सपा सरकार की भर्ती व्यवस्था पर लगाए आरोप
बीएल वर्मा ने 2017 से पहले की सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी नौकरियों की भर्तियों में पारदर्शिता नहीं थी और ‘सैफई से लिस्ट’ आने की बात कही जाती थी। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि योगी सरकार में युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी पूर्ववर्ती सपा सरकार को घेरा।
सहारनपुर में अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई का संकेत
सहारनपुर में अवैध निर्माण के मुद्दे पर भी बीएल वर्मा ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी निर्माण अवैध पाए जाएंगे। उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।
बयानबाजी के बीच राजनीतिक टकराव तेज
मुरादाबाद के नमाज विवाद और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। एक ओर अखिलेश यादव शिक्षा, स्कूलों और सामाजिक सौहार्द को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा उनके बयानों पर पलटवार करते हुए सरकार के विकास और भर्ती व्यवस्था का बचाव कर रहे हैं। मुरादाबाद और सहारनपुर के मामलों में प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर भी राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।
